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तो जल्द ही अभिजात्य वर्ग की गिरफ्त में होगी पत्रकारिता भी....!! ...

तो जल्द ही अभिजात्य वर्ग की गिरफ्त में होगी पत्रकारिता भी....!! ...
तारकेश कुमार ओझा ! क्या गीत - संगीत व कला से लेकर राजनीति के बाद अब लेखन व पत्रकारिता के क्षेत्र में भी जल्द ही ताकतवर अभिजात्य वर्ग का क
​ तारकेश कुमार ओझा ! क्या गीत - संगीत व कला से लेकर राजनीति के बाद अब लेखन व पत्रकारिता के क्षेत्र में भी जल्द ही ताकतवर अभिजात्य वर्ग का कब्जा होने वाला है। क्या बड़े - बड़े लिक्खाड़ इस वर्ग के पीछे वैसे ही घूमते रहने को मजबूर होंगे , जैसा राजनीति के क्षेत्र में देखने को मिलता है। क्या यह क्षेत्र अब तक इस वर्ग की धमक से काफी हद तक इस वजह से ...

शेखर ने मानी भूल ...

शेखर ने मानी भूल ...
रामबहादुर राय! शेखर गुप्ता ने आखिरकार अपनी भूल मान ली है, पर एक गहरी हिचकिचाहट और बहुत चालाकी के साथ।
रामबहादुर राय! शेखर गुप्ता ने आखिरकार अपनी भूल मान ली है, पर एक गहरी हिचकिचाहट और बहुत चालाकी के साथ। अपने कॉलम में उन्होंने 18 फरवरी को लिखा था- ’27 साल गुजर चुके हैं। मैं इलाहाबाद की अपनी रिपोर्टर डायरी से एक अंश जाहिर कर ही सकता हूं। वीपी.सिंह ने चुनावों की साफ-सुथरी फंडिंग और कम से कम खर्च करने पर जोर दिया था। मोटरसाइकल पर प्रचार करना उनका ...

मजीठिया वेज बोर्ड: अफवाहों से बचें, विशेष जांच टीम से हकीकत बयां करें ...

मजीठिया वेज बोर्ड: अफवाहों से बचें, विशेष जांच टीम से हकीकत बयां करें ...
मेरे एक मित्र और वरिष्ठ पत्रकार उस दिन तो फोन कनेक्ट होते ही बिफर पड़े। अत्यंत विचलित और अधीरज भरे लहजे में बोलने लगे, च्मैने अपनी रिट पिटीशन
मेरे एक मित्र और वरिष्ठ पत्रकार उस दिन तो फोन कनेक्ट होते ही बिफर पड़े। अत्यंत विचलित और अधीरज भरे लहजे में बोलने लगे, च्मैने अपनी रिट पिटीशन के लिए वकील साहब को पे स्लिप और दूसरे जरूरी कागजात तो दे दिए थे। सुप्रीम कोर्ट में उसे जज साहब को दिखाया क्यों नहीं? दूसरे साथियों ने भी पे स्लिप समेत सारे कागजात-डाक्यूमेंट केस के साथ संलग्न करने के लिए दिए ...

मीडिया की मंडी में हम-14 ...

मीडिया की मंडी में हम-14 ...
Dhiraj Kulshreshtha. जयपुर दूरदर्शन से जुड़ने के बाद भी फ्रीलांसिंग जारी थी.......’माया’ में नियमित लेखन भी।फरवरी 1992 में माया का नियमित संवाददाता बन गया......पत्रकार ओम
हमारी टीम उन प्रतिक्रियाओं का आनंद उठाती थी ----------------------------------------------------------------------- Dhiraj Kulshreshtha. जयपुर दूरदर्शन से जुड़ने के बाद भी फ्रीलांसिंग जारी थी.......’माया’ में नियमित लेखन भी।फरवरी 1992 में माया का नियमित संवाददाता बन गया......पत्रकार ओम सैनी ब्यूरो चीफ थे,श्रीपाल शक्तावत साथ में संवाददाता थे औ ...

मीडिया की मंडी में हम-13 ...

मीडिया की मंडी में हम-13 ...
dhiraj kulshreshtha। ये मार्च या अप्रैल 1990 था,जब मैं जयपुर दूरदर्शन समाचार विभाग से नियमित जुड़ा था।एक कैजुअल सब एडिटर कम ट्रांसलेटर के रूप में......हर महीने दस दिन
dhiraj kulshreshtha। ये मार्च या अप्रैल 1990 था,जब मैं जयपुर दूरदर्शन समाचार विभाग से नियमित जुड़ा था।एक कैजुअल सब एडिटर कम ट्रांसलेटर के रूप में......हर महीने दस दिन की बुकिंग मिलती थी....उससे एक मुश्त कमरे का किराया और भोजन सहित छोटा-मोटा खर्च निकल जाता था,ये बहुत बड़ा सहारा था।साथ ही यह उम्मीद भी, कि कभी मौका लगा तो दूरदर्शन में स्थायी हो जाएंग ...

रवीश कुमार : क्या मीडिया बचा सकता था गजेंद्र की जान? ...

रवीश कुमार : क्या मीडिया बचा सकता था गजेंद्र की जान? ...
दक्षिण वियतनाम की एक सड़क पर नंगी भागती किम फुक (Kim Phuc) की उस तस्वीर को कौन भूल सकता है। नौ साल की किम के साथ कुछ और बच्चे भाग रहे हैं। सड़क के अंतिम छोर पर बम धमाके के
दक्षिण वियतनाम की एक सड़क पर नंगी भागती किम फुक (Kim Phuc) की उस तस्वीर को कौन भूल सकता है। नौ साल की किम के साथ कुछ और बच्चे भाग रहे हैं। सड़क के अंतिम छोर पर बम धमाके के बाद उठा हुआ काले धुएं का गुबार है। युद्ध की तबाही का यह काला सच दुनिया के सामने नहीं आता, अगर फोटोग्राफर निक ने हिम्मत करके वह तस्वीर न ली होती। निक ने न सिर्फ तस्वीर ली, बल्कि क ...

वीके सिंह विवाद के पीछे मीडिया का दोहरा रवैया ...

वीके सिंह विवाद के पीछे मीडिया का दोहरा रवैया  ...
विदेश राज्य मंत्री जनरल (से.नि.) वीके सिंह एक बार फिर विवादों में हैं। पाकिस्तान उच्चायोग द्वारा आयोजित पाकिस्तान दिवस के कार्यक्रम में पहुंचे वीके सिंह ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर
विदेश राज्य मंत्री जनरल (से.नि.) वीके सिंह एक बार फिर विवादों में हैं। पाकिस्तान उच्चायोग द्वारा आयोजित पाकिस्तान दिवस के कार्यक्रम में पहुंचे वीके सिंह ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर मीडिया के लिए सुर्खियां बटोरी थीं। इस बार उन्होंने मीडिया के लिए गाली का प्रयोग कर खुद के लिए सियासी रूप से मुश्किलें मोल ले ली हैं। हालांकि सोशल मीडिया प ...

मीडिया प्रेस से जुड़ो फिर मजे करोगे जैसे कि वह....... ...

मीडिया प्रेस से जुड़ो फिर मजे करोगे जैसे कि वह....... ...
डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी। आप पढ़े-लिखे बेरोजगार हैं, जाहिर सी बात है कि जीवन यापन की चिन्ता से ग्रस्त होंगे। यह तो अच्छा है कि अभी तक अकेले हैं, कहीं आप शादी-शुदा होते तो कुछ और बात होती।
डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी। आप पढ़े-लिखे बेरोजगार हैं, जाहिर सी बात है कि जीवन यापन की चिन्ता से ग्रस्त होंगे। यह तो अच्छा है कि अभी तक अकेले हैं, कहीं आप शादी-शुदा होते तो कुछ और बात होती। पढ़े-लिखे हैं और चिन्ताग्रस्त हैं, ऐसे में रातों को नींद नहीं आती होगी, आप एक काम करिए कलम-कागज लेकर बैठ जाइए, बस कुछ ही दिनों में आप को लिखने की आदत पड़ जाएगी। ...

नारी-अस्मिता वोट बैंक नहीं जिसे..... ...

नारी-अस्मिता वोट बैंक नहीं जिसे..... ...
कौन कहता है कि महिलाएँ सशक्त नहीं हैं। मेरा अपना मानना है कि आदिकाल से ही महिलाओं की ही चलती आ रही है। ‘स्त्री-शक्ति’ की पूजा की जाती है। देवता भी इस शक्ति के आगे नतमस्तक थे।
-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी कौन कहता है कि महिलाएँ सशक्त नहीं हैं। मेरा अपना मानना है कि आदिकाल से ही महिलाओं की ही चलती आ रही है। ‘स्त्री-शक्ति’ की पूजा की जाती है। देवता भी इस शक्ति के आगे नतमस्तक थे। महिलाओं के बारे में नकारात्मक सोच वाले ही ऐसा कह सकते हैं कि नारी ‘अबला’ होती है। कितने उदाहरण दूँ, कितनों के नाम गिनाऊँ। सशक्त नारियों के बा ...

​क्रिकेट में स्विंग तो राजनीति में स्टिंग ...!!​ ...

​क्रिकेट में स्विंग तो राजनीति में स्टिंग ...!!​ ...
तारकेश कुमार ओझा! जीवन में पहली बार स्टिंग की चर्चा सुनी तो मुझे लगा कि यह देश में धर्म का रूप ले चुके क्रिकेट की कोई न
तारकेश कुमार ओझा! जीवन में पहली बार स्टिंग की चर्चा सुनी तो मुझे लगा कि यह देश में धर्म का रूप ले चुके क्रिकेट की कोई नई विद्या होगी। क्योंकि क्रिकेट की कमेंटरी के दौरान मैं अक्सर सुनता था कि फलां गेंदबाज गेंद को अच्छी तरह से स्विंग करा रहा है या पिच पर गेंद अच्छे से स्विंग नहीं हो रही है वगैरह - वगैरह। लेकिन चैनलों के जरिए समझ बढ़ने पर पता चल ...

पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश पत्रकारों के लिए ख ...

पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश पत्रकारों के लिए ख ...
पत्रकारों के हितों की पैरोकार न्यूयॉर्क की संस्था कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ (सीपीजे) की एक रिपोर्ट में उन देशों का उल्लेख है, जो पत्रकारों के लिए काम करने के लिहाज से सबसे खतरनाक हैं.
पत्रकारों के हितों की पैरोकार न्यूयॉर्क की संस्था कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ (सीपीजे) की एक रिपोर्ट में उन देशों का उल्लेख है, जो पत्रकारों के लिए काम करने के लिहाज से सबसे खतरनाक हैं. इस सूची में भारत सहित दक्षिण एशिया के छह देश पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश शामिल हैं. सीपीजे की रिपोर्ट में भारत 13 देशों की सूची में फि ...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सवाल ...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सवाल ...
मनोज कुमार! मानव समाज ने स्वयं को अनुशासित रखने के लिये अधिकार और दायित्व शब्द का निर्माण किया है किन्तु य
मनोज कुमार! मानव समाज ने स्वयं को अनुशासित रखने के लिये अधिकार और दायित्व शब्द का निर्माण किया है किन्तु यही दो शब्द वह अपनी सुविधा से उपयोग करता है. पुरुष प्रधान समाज की बात होती है तो अधिकार शब्द प्राथमिक हो जाता है और जब स्त्री की बात होती है तो दायित्व उसके लिये प्रथम. शायद समाज के निर्माण के साथ ही हम स्त्री को दायित्व का पाठ पढ़ाते आ रहे ह ...

मदर टेरेसा जैसा काम क्यों नहीं करता संघ? ...

मदर टेरेसा जैसा काम क्यों नहीं करता संघ? ...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिन्दुत्व की विचारधारा से जुड़े तमाम लोगों को नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अब उन्हें वे बातें खुल कर कहने की छूट मिल गई है जो वे पहले नहीं कह पाते थे।
डॉ संदीप पाण्डेय, सीएनएस। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिन्दुत्व की विचारधारा से जुड़े तमाम लोगों को नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अब उन्हें वे बातें खुल कर कहने की छूट मिल गई है जो वे पहले नहीं कह पाते थे। इनमें से कई बातें विवादास्पद हैं। इधर अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थानों पर हमले भी बढ़ गए हैं। हमला करने वाले भी निडर ...

वर्तमान मीडिया में महिलाओं को नहीं पचा पा रहे हैं पुरूष ...

वर्तमान मीडिया में महिलाओं को नहीं पचा पा रहे हैं पुरूष ...
काश! मुझ जैसी हर साधारण एवं महत्वाकांक्षी लड़की को अच्छे माँ-बाप एवं उत्साहवर्धन करने वाला समाज तथा मेरे
काश! मुझ जैसी हर साधारण एवं महत्वाकांक्षी लड़की को अच्छे माँ-बाप एवं उत्साहवर्धन करने वाला समाज तथा मेरे शैक्षिक गुरू व पत्रकारिता गुरूकुल के गुरू की मानिन्द लोगों का सानिध्य, स्नेह एवं आशीर्वाद मिले, तभी पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाएँ छू सकेंगी उचाईयाँ। -रीता विश्वकर्मा पत्रकारिता (मीडिया/प्रेस) में महिलाओं का प्रवेश और योगदान बड़े शहरों म ...

तौबा करिए ऐसे छपास रोगियों से ...

तौबा करिए ऐसे छपास रोगियों से ...
-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी आप लेखक, विचारक पत्रकार रिपोर्टर हैं। आप को छपास रोग है, अपने ऊल-जुलूल आलेख एक साथ चार-पाँच
-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी आप लेखक, विचारक पत्रकार रिपोर्टर हैं। आप को छपास रोग है, अपने ऊल-जुलूल आलेख एक साथ चार-पाँच सौ लोगों लोगों को ई-मेल करते हैं। आपका वही मेल मुझे भी मिला है। धन्यवाद कहूँ या फिर अपना सिर पीटूँ। बहरहाल! इसको आप अपनी प्रॉब्लम न समझें- यह मेरी समस्या है मैं निबट लूँगा। एक बात कहना चाहूँगा, वह यह कि... खैर छोड़िये बस ऐसे भे ...

साक्षरता और परम्परा के मेल से बचेगा पानी ...

साक्षरता और परम्परा के मेल से बचेगा पानी ...
-मनोज कुमार करीब तीन दशकों से जल संकट को लेकर विश्वव्यापी बहस छिड़ चुकी है। यहां तक कहा जा रहा है कि अगला विश्व युद्ध पानी के मुद्दे पर लड़ा जायेगा। स्थिति की गंभीरता को नकारा नहीं जा सकता है।
-मनोज कुमार करीब तीन दशकों से जल संकट को लेकर विश्वव्यापी बहस छिड़ चुकी है। यहां तक कहा जा रहा है कि अगला विश्व युद्ध पानी के मुद्दे पर लड़ा जायेगा। स्थिति की गंभीरता को नकारा नहीं जा सकता है। इस दिशा में राज्य सरकार अपने अपने स्तर पर पहल कर रही हैं और जल संरक्षण की दिशा में नागरिकों को जागरूक बनाया जा रहा है। जल संरक्षण की दिशा में उपाय बरतने ...

The media we don’t see ...

The media we don’t see ...
A fortnight before the Delhi assembly polls, an editor of a leading Hindi News Channel, India TV’s Rajat Sharma, concluded his prime time bulletin with an air of
A fortnight before the Delhi assembly polls, an editor of a leading Hindi News Channel, India TV’s Rajat Sharma, concluded his prime time bulletin with an air of undignified judgment. He called Arvind Kejriwal an ‘anarchist’, who does not have the requisite “manners for public discourse”. “Why would Kiran Bedi accept an offer for debate by an an ...

एक गांधी का ‘महात्मा’ हो जाना ...

एक गांधी का ‘महात्मा’ हो जाना ...
-मनोज कुमार! संसार में एक ही व्यक्ति हुआ है जिसे नाम से नहीं काम से पहचाना गया. समाज के द्वारा स्वस्फूर्त रूप प्रदान की गई उपाधि ‘महात्मा’ ने उनके नाम का स्थान लिया और वे नाम से ऊपर उठ गये. सौ
-मनोज कुमार! संसार में एक ही व्यक्ति हुआ है जिसे नाम से नहीं काम से पहचाना गया. समाज के द्वारा स्वस्फूर्त रूप प्रदान की गई उपाधि ‘महात्मा’ ने उनके नाम का स्थान लिया और वे नाम से ऊपर उठ गये. सौ बरस से अधिक समय से हम किसी को जानते हैं तो वे हैं महात्मा गांधी. बहुतेरों को यह स्मरण भी नहीं होगा कि दरअसल, उनका नाम महात्मा गांधी नहीं बल्कि मोहनदास करमच ...

मीडिया की मंडी में हम-5 ...

 मीडिया की मंडी में हम-5 ...
! यूं कहें तो मेरी शुरुआत जयपुर की लोकल रिपोर्टिंग से हुई,इसका फायदा यह हुआ कि मैंने जयपुर को जल्दी से समझा और जयपुर ने मुझे। कल्चरल रिपोर्टिंग मेरी प्रिय बीट थी, वह इकबाल खान के पास थी पर उनके अवकाश पर होने पर इसे चुराने का मौका मैंने कभी
Dhiraj Kulshreshtha! यूं कहें तो मेरी शुरुआत जयपुर की लोकल रिपोर्टिंग से हुई,इसका फायदा यह हुआ कि मैंने जयपुर को जल्दी से समझा और जयपुर ने मुझे। कल्चरल रिपोर्टिंग मेरी प्रिय बीट थी, वह इकबाल खान के पास थी पर उनके अवकाश पर होने पर इसे चुराने का मौका मैंने कभी नहीं छोड़ा। विश्वास कुमार चीफ रिपोर्टर थे और राजस्थान की पत्रकारिता के स्टार रिपोर्टर भी।उन ...

वाराणसी में आतंकी हमले में मारे गये पत्रकारों को दी गई श्रद्धांजलि ...

वाराणसी में आतंकी हमले में मारे गये पत्रकारों को दी गई श्रद्धांजलि  ...
वाराणसी। डा. सम्पूर्णानंद की पुण्यतिथि पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा व विचारमंच के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को शाम पांच बजे तेलियाबाग पार्क में लगी सम्पूर्णानंद की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। कायस्थ विचार मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता श्रीवास्तव के नेतृत्व में लोगों ने पेरिस में हुए आतंकी हमले में मारे गये पत्रकारों को कैंडिल जलाकर श्रद्धांजलि दी।
वाराणसी। डा. सम्पूर्णानंद की पुण्यतिथि पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा व विचारमंच के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को शाम पांच बजे तेलियाबाग पार्क में लगी सम्पूर्णानंद की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। कायस्थ विचार मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता श्रीवास्तव के नेतृत्व में लोगों ने पेरिस में हुए आतंकी हमले में मारे गये पत्रकारों को कैंडिल जल ...

मांझी के ईद-गिर्द सिमटता मीडिया व राजनीति ...

मांझी के ईद-गिर्द सिमटता मीडिया व राजनीति ...
संजय कुमार! बिहार में राजनीतिक और प्रशासनिक कवायद सिर्फ एक ही व्यक्ति के ईद-गिर्द सिमटती जा रही है। वह है मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, जो अपने बयानों से खासे चर्चित हैं। इनके बयान राजनीतिक गलियारे को गरम करने के लिए काफी होते हैं। इसमें मीडिया की भूमिका अहम है। जाहिर
संजय कुमार! बिहार में राजनीतिक और प्रशासनिक कवायद सिर्फ एक ही व्यक्ति के ईद-गिर्द सिमटती जा रही है। वह है मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, जो अपने बयानों से खासे चर्चित हैं। इनके बयान राजनीतिक गलियारे को गरम करने के लिए काफी होते हैं। इसमें मीडिया की भूमिका अहम है। जाहिर है ऐसे में विकास कार्य और जनसमस्याओं का समाधान कैसे हो सकता है? खुद ...

FAKEएनकाउंटर ! ये डाउट तो मुझे भी है-अन्ना हज़ारे ...

FAKEएनकाउंटर ! ये डाउट तो मुझे भी है-अन्ना हज़ारे ...
फ्लाइट से पुणे और फिर वहाँ से टैक्सी लेकर जब मैं रालेगन सिद्धि पहुँचा तो दिन ढल चुका था। अन्ना हज़ारे के आश्रम में उस समय सन्नाटा पसरा हुआ था। पक्षियों की चहचहाहट के अलावा कुछ भी सुनाई नहीं
फ्लाइट से पुणे और फिर वहाँ से टैक्सी लेकर जब मैं रालेगन सिद्धि पहुँचा तो दिन ढल चुका था। अन्ना हज़ारे के आश्रम में उस समय सन्नाटा पसरा हुआ था। पक्षियों की चहचहाहट के अलावा कुछ भी सुनाई नहीं पड़ रहा था। मैंने इस तरह की वीरानगी की अपेक्षा नहीं की थी। मुझे लगा था कि चहल-पहल होगी, मुलाकातियों की भीड़भाड़ होगी। मगर कुछ भी न था। मैंने वहाँ गाँधी टोपी ...

मीडिया का मजा ...

मीडिया का मजा ...
मनोज कुमार! गांव-देहात में एक पुरानी कहावत है गरीब की लुगाई, गांव भर की भौजाई. शायद हमारे मीडिया का भी यही हाल हो चुका है. मीडिया गरीब की लुगाई भले ही न हो लेकिन गांव भर की भौजाई तो बन ही चुकी है और इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है. मीडिया
मनोज कुमार! गांव-देहात में एक पुरानी कहावत है गरीब की लुगाई, गांव भर की भौजाई. शायद हमारे मीडिया का भी यही हाल हो चुका है. मीडिया गरीब की लुगाई भले ही न हो लेकिन गांव भर की भौजाई तो बन ही चुकी है और इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है. मीडिया का जितना उपयोग बल्कि इसे दुरूपयोग कहें तो ज्यादा बेहतर है, हमारे देश में सब लोग अपने अपने स्तर पर कर रहे ...

फेक एनकाउंटर! शास्त्र जरूरी हैं, विज्ञान नहीं: स्मृति ईरानी ...

 फेक एनकाउंटर!   शास्त्र जरूरी हैं, विज्ञान नहीं: स्मृति ईरानी  ...
स्मृति ईरानी से इंटरव्यू के लिए समय लेने के लिए मुझे थोड़ा झूठ का सहारा लेना पड़ा। मैंने अपने नाम के आगे आचार्य लगा लिया। सोचा था डॉ. तो हूं ही, अगर पूछा तो कह दूंगा कि संस्कृत
मुकेश कुमार! संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से इंटरव्यू के लिए समय लेने के लिए मुझे थोड़ा झूठ का सहारा लेना पड़ा। मैंने अपने नाम के आगे आचार्य लगा लिया। सोचा था डॉ. तो हूं ही, अगर पूछा तो कह दूंगा कि संस्कृत में आचार्य कहा जाऊंगा। इससे वे और भी खुश हो जाएंगी। झूठ भी इसलिए बोलना पड़ा था कि लगातार विवादों में फंसने के कारण वे इंटरव्यू देने से बच रह ...

बटरिंग ' से ज्यादा कुछ नहीं चैनलों का महामंच...!! ...

बटरिंग ' से ज्यादा कुछ  नहीं चैनलों का महामंच...!! ...
क्या खबरों की दुनिया में भी कई ' उपेक्षित कोने ' हो सकते हैं। मीडिया का सूरतेहाल देख कर तो कुछ एेसा ही प्रतीत होता है। खबरों की भूख शांत करने औऱ देश- दुनिया की पल - पल की खबरों के मामले में अपडेट रहने के लिए घर पर होने के दौरान चैनलों को निहारते रहना आदत सी बन चुकी है और मजबूरी भी। लेकिन
तारकेश कुमार ओझा! क्या खबरों की दुनिया में भी कई ' उपेक्षित कोने ' हो सकते हैं। मीडिया का सूरतेहाल देख कर तो कुछ एेसा ही प्रतीत होता है। खबरों की भूख शांत करने औऱ देश- दुनिया की पल - पल की खबरों के मामले में अपडेट रहने के लिए घर पर होने के दौरान चैनलों को निहारते रहना आदत सी बन चुकी है और मजबूरी भी। लेकिन पता नहीं क्यों पिछले कुछ दिनों से मुझे ...

सम्पादक जी, ये तो ना करिए, ये देश आपका ऋणी रहेगा ...

सम्पादक जी, ये तो ना करिए, ये देश आपका ऋणी रहेगा ...
Nadim S. Akhter। चिंता मत करिए. -अच्छे दिन- आ गए हैं. क्या यूपी, क्या एमपी और क्या दिल्ली और क्या भारत-क्या इंडिया...ऐसे -अच्छे दिनों- की ख्वाहिश इस देश की जनता ने तो नहीं ही की थी. फिर ये किसके अच्छे दिन हैं?? फैसला आप कीजिए.
Nadim S. Akhter। चिंता मत करिए. -अच्छे दिन- आ गए हैं. क्या यूपी, क्या एमपी और क्या दिल्ली और क्या भारत-क्या इंडिया...ऐसे -अच्छे दिनों- की ख्वाहिश इस देश की जनता ने तो नहीं ही की थी. फिर ये किसके अच्छे दिन हैं?? फैसला आप कीजिए. ऩए-नवेले संगठन, नए-नए चेहरे टीवी की बहस में जगह पा रहे हैं. वो जितना जहर उगलेंगे, उतनी ही उनकी दुकान चलेगी. शायद -आका- ...

जो लोकशाही के निगहबान थे, वे बन गए चारण ...

जो लोकशाही के निगहबान थे, वे बन गए चारण ...
पुण्य प्रसून वाजपेयी! साल भर पहले राष्ट्रपति की मौजूदगी में राष्ट्रपति भवन में ही एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल ने अपना पच्चीसवां जन्मदिन मना लिया। तब कहा गया कि मनमोहन सिंह का दौर है। कुछ
पुण्य प्रसून वाजपेयी! साल भर पहले राष्ट्रपति की मौजूदगी में राष्ट्रपति भवन में ही एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल ने अपना पच्चीसवां जन्मदिन मना लिया। तब कहा गया कि मनमोहन सिंह का दौर है। कुछ भी हो सकता है। पिछले दिनों एक न्यूज चैनल ने अपने एक कार्यक्रम के 21 बरस पूरे होने का जश्न मनाया तो उसमें राष्ट्रपति समेत प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट के अलावा नौकरशाह, ...

एक त्रासदी का खबरनामा ...

एक त्रासदी का खबरनामा ...
-मनोज कुमार तीस बरस का समय कम नहीं होता है। भोपाल के बरक्स देखें तो यह कल की ही बात लगती है। 2-3 दिसम्बर की वह रात और रात की तरह गुजर जाती किन्तु ऐसा हो न सका। यह तारीख न केवल भोपाल के इतिहास में बल्कि दुनिया की भीषणतम त्रासदियों में शुमार हो गया है। यह कोई मामूली दुर्घटना नहीं थी बल्कि यह त्रासदी थी। एक ऐसी त्रासदी जिसका दुख, जिसकी पीड़ा और इससे उपजी अगिनत तकलीफें हर पल इस बात का स्मरण कराती रहेंगी कि साल 1984 की वह 2-3 दिसम्बर की आधी रात कितनी भयावह थी।
-मनोज कुमार तीस बरस का समय कम नहीं होता है। भोपाल के बरक्स देखें तो यह कल की ही बात लगती है। 2-3 दिसम्बर की वह रात और रात की तरह गुजर जाती किन्तु ऐसा हो न सका। यह तारीख न केवल भोपाल के इतिहास में बल्कि दुनिया की भीषणतम त्रासदियों में शुमार हो गया है। यह कोई मामूली दुर्घटना नहीं थी बल्कि यह त्रासदी थी। एक ऐसी त्रासदी जिसका दुख, जिसकी पीड़ा और इस ...

सत्य की खोज में खड़ा सिस्टम यादव सिंह के “सत्य” में समाहित हो चुका है ...

सत्य की खोज में खड़ा सिस्टम यादव सिंह के “सत्य” में समाहित हो चुका है ...
सत्य की खोज पुलिस से शुरू होती हुई मीडिया के रास्ते चलती हुई जांच कमीशनों की दहलीज़ पार कर न्याय की तराजू पकडे अदालत की अंतिम मंजिल तक जाती है. यहाँ भी कई सीढ़ियों पर
सड़ते सिस्टम में फलते-फूलते यादव सिंह, आखिर निदान क्या है ? एनके सिंह! सत्य की खोज पुलिस से शुरू होती हुई मीडिया के रास्ते चलती हुई जांच कमीशनों की दहलीज़ पार कर न्याय की तराजू पकडे अदालत की अंतिम मंजिल तक जाती है. यहाँ भी कई सीढ़ियों पर सत्य की खोज होती है. अगर यह खोज आगे बड़ी भी तो सर्वोच्च न्यायलय की अंतिम चौखट पर जा कर ख़त्म हो जाती है. इनकम टै ...

मक्खी मीडिया बनाम मधुमक्खी मीडिया ...

मक्खी मीडिया बनाम मधुमक्खी मीडिया ...
अब यह तो मोदी ही जानते हैं कि उन्होंने मीडिया पर तंज कसने के लिए मक्खी बनाम मधु मक्खी ही क्यों चुनी .
अब यह तो मोदी ही जानते हैं कि उन्होंने मीडिया पर तंज कसने के लिए मक्खी बनाम मधु मक्खी ही क्यों चुनी . मोदी कहते हैं कि पत्रकारों को मक्खी नहीं होना चाहिए जो गंदगी पर बैठती है और गंदगी फैलाती है . पत्रकार को तो मधुमक्खी की तरह होना चाहिए जो शहद पर बैठती है और उसकी राह में आने वाले को डंक मारती है . सवाल उठता है कि अगर हर कोई शहद पर ही बैठेगा तो गंदग ...

अमित शाह ने किया ‘मैनेजमेंट गुरू नरेंद्र मोदी’ का विमोचन ...

अमित शाह ने किया ‘मैनेजमेंट गुरू नरेंद्र मोदी’ का विमोचन ...
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने डायमंड बुक्स से प्रकाशित हिमांशु शेखर की पुस्तक ‘मैनेजमेंट गुरु नरेंद्र मोदी’ का विमोचन किया. इस मौके पर श्री शाह ने ऐसी पुस्तक के प्रकाशन के लिए डायमंड बुक्स के निदेशक श्री नरेंद्र वर्मा को बधाई दी और कहा की आप आगे भी ऐसी पुस्तकों का प्रकाशन करें. अमित शाह ने कहा की यह एक ऐसी पुस्तक है
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने डायमंड बुक्स से प्रकाशित हिमांशु शेखर की पुस्तक ‘मैनेजमेंट गुरु नरेंद्र मोदी’ का विमोचन किया. इस मौके पर श्री शाह ने ऐसी पुस्तक के प्रकाशन के लिए डायमंड बुक्स के निदेशक श्री नरेंद्र वर्मा को बधाई दी और कहा की आप आगे भी ऐसी पुस्तकों का प्रकाशन करें. अमित शाह ने कहा की यह एक ऐसी पुस्तक है जिसमे ...

तारा शाहदेव और मीडिया का ''धर्मपरिवर्तन'' ...

तारा शाहदेव और मीडिया का ''धर्मपरिवर्तन'' ...
यह ख़बर आज के इक्का-दुक्का अख़बारों के इक्का-दुक्का संस्करणों में ही किसी कोने पर है कि रांची की सीजेएम कोर्ट ने तारा शाहदेव प्रकरण में सिर्फ ''दहेज प्रताड़ना'' के आरोप का संज्ञान लिया है। राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज़ तारा शाहदेव के जबरन धर्मपरिवर्तन की जो ख़बर महीनों मीडिया में छाई रही, अदालत ने उसका संज्ञान लेना भी ज़रूरी नहीं समझा।
Pankaj Parvez। सीबीआई ने पांच महीने की जाँच के बाद दावा किया है कि बदायूँ कांड, हत्या-बलात्कार नहीं, खुदकुशी का मामला है। मीडिया ने इस काँड की झंडागाड़ रिपोर्टिंग की थी। पेश है इसी प्रवृत्ति पर 8 नवंबर को पोस्ट की गयी एक टिप्पणी--- तारा शाहदेव और मीडिया का ''धर्मपरिवर्तन'' ---------------------------------------------------------- यह ख़बर आज क ...

पत्रकार को मातृशोक ...

पत्रकार को मातृशोक ...
गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन की बैठक कचहरी स्थित कैम्प कार्यालय पर सोमवार को हुई। इसमें पत्रकार सतेन्द्र नाथ शुक्ल की माता बादामी देवी (90) के निधन पर..................................................
गाजीपुर। गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन की बैठक कचहरी स्थित कैम्प कार्यालय पर सोमवार को हुई। इसमें पत्रकार सतेन्द्र नाथ शुक्ल की माता बादामी देवी (90) के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। बादामी देवी का निधन रविवार की रात हो गया। छोटे पुत्र रविन्द्र नाथ शुक्ला ने मुखागिभन दी। इस मौके पर चन्द्र कुमार तिवारी, अनिल उपाध्याय, अशोक श्रीवास्तव, गुलाब राय, विनोद गुप ...

FAKE एनकाउंटर- -सेल्फी लेने-न लेने की खुशी और ग़म- ...

 FAKE एनकाउंटर- -सेल्फी लेने-न लेने की खुशी और ग़म- ...
न्यौता तो संपादक जी को आया था। वे जाना भी चाहते थे, मगर कोई ऐसी मजबूरी रही होगी कि जा नहीं सकते थे। लिहाजा, मन मारकर उन्होंने मेरी ड्यूटी लगा दी। अंधा क्या चाहे दो आँख और पत्रकार क्या चाहे, मोदी के साथ एक सेल्फी। बस मैंने पुरानी सदरी प्रेस करके पहनी और पहुँच गया अशोक रोड स्थित बीजेपी के दफ़्तर। बस से नहीं, टैक्सी लेकर।
न्यौता तो संपादक जी को आया था। वे जाना भी चाहते थे, मगर कोई ऐसी मजबूरी रही होगी कि जा नहीं सकते थे। लिहाजा, मन मारकर उन्होंने मेरी ड्यूटी लगा दी। अंधा क्या चाहे दो आँख और पत्रकार क्या चाहे, मोदी के साथ एक सेल्फी। बस मैंने पुरानी सदरी प्रेस करके पहनी और पहुँच गया अशोक रोड स्थित बीजेपी के दफ़्तर। बस से नहीं, टैक्सी लेकर। आख़िर प्रधानमंत्री से मिलने ...

दिल्ली के मीडियावाले भी कहीं भी चले जाते हैं ...

दिल्ली के मीडियावाले भी कहीं भी चले जाते हैं ...
उत्तर भारत संत समिति के अध्यक्ष तथा कांग्रेस हाईकमान तक अपनी सीधी पकड रखने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णन ने नैनीताल में दिये गये एक बयान में कहा कि योगगुरू बाबा रामदेव को मुख्यमंत्री से दोस्ती मुबारक। य
देदून से चन्‍द्रशेखर जोशी की एक्‍सक्‍लूसिव रिपोर्ट उत्तर भारत संत समिति के अध्यक्ष तथा कांग्रेस हाईकमान तक अपनी सीधी पकड रखने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णन ने नैनीताल में दिये गये एक बयान में कहा कि योगगुरू बाबा रामदेव को मुख्यमंत्री से दोस्ती मुबारक। यह कह कर उन्होंने सीधे सीधे मुख्यमंत्री पर तंज कसा कि जवाहर लाल नेहरू तथा कांग्रेस हाईकमान को स ...

जीवन सूत्र अपने को अपरिहार्य मानने की भूल न करें ...

 जीवन सूत्र अपने को अपरिहार्य मानने की भूल न करें ...
एक मनुष्य के नाते हम ऐसी कई गलतियां करते हैं जो हमारे भौतिक एवं आध्यात्मिक दोनों जीवन में पतन का कारण बन जाते हैं। उदाहरण के लिए हम यदि किसी संस्था के लिए काम करते हैं तो उस संस्था का विकास होता है और हमें वाहवाही मिलती है तो हम मानते हैं इसका श्रेय हमें ही मिलना चाहिए। हम कई बार अपने को अपरिहार्य मान लेते हैं।
एक मनुष्य के नाते हम ऐसी कई गलतियां करते हैं जो हमारे भौतिक एवं आध्यात्मिक दोनों जीवन में पतन का कारण बन जाते हैं। उदाहरण के लिए हम यदि किसी संस्था के लिए काम करते हैं तो उस संस्था का विकास होता है और हमें वाहवाही मिलती है तो हम मानते हैं इसका श्रेय हमें ही मिलना चाहिए। हम कई बार अपने को अपरिहार्य मान लेते हैं। यह सोच लेते हैं कि मेरे कारण ऐसा हुआ ...

FAKE एनकाउंटर- -डोंट फाल इन टू द ट्रैप ऑफ होप एंड चेंज-ओबामा- ...

FAKE एनकाउंटर- -डोंट फाल इन टू द ट्रैप ऑफ होप एंड चेंज-ओबामा- ...
सुबह-सुबह जब मेरे घर के सामने लंबी काली मर्सिडीज़ गाड़ी रुकी और उसमें से दो अमरीकियों को मैंने सामने खड़ा पाया तो मेरी रूह काँप गई। मुझे लगा हो न हो ये सीआईए के एजेंट होंगे और मुझे उठाकर गुआंटीनामो ले जाएंगे। वहाँ वे मुझे टॉर्चर करेंगे और कोई ऐसा गुनाह कबूल करवाएंगे, जो मैंने किया ही नहीं था। मुझे अपने वे तमाम पुराने
सुबह-सुबह जब मेरे घर के सामने लंबी काली मर्सिडीज़ गाड़ी रुकी और उसमें से दो अमरीकियों को मैंने सामने खड़ा पाया तो मेरी रूह काँप गई। मुझे लगा हो न हो ये सीआईए के एजेंट होंगे और मुझे उठाकर गुआंटीनामो ले जाएंगे। वहाँ वे मुझे टॉर्चर करेंगे और कोई ऐसा गुनाह कबूल करवाएंगे, जो मैंने किया ही नहीं था। मुझे अपने वे तमाम पुराने लेख याद आने लगे जिनमें मैंने ...

इंडियन फेडरेशन आॅफ वर्किंग जर्नलिस्ट की राष्ट्रीय कार्य परिषद की बैठक ल ...

 इंडियन फेडरेशन आॅफ वर्किंग जर्नलिस्ट की राष्ट्रीय कार्य परिषद की बैठक ल ...
भोपाल। इंडियन फेडरेशन आॅफ वर्किंग जर्नलिस्ट की राष्ट्रीय कार्य परिषद की बैठक 17 एवं 18 नवबंर को लखनऊ में आयोजित की गई है। इस संबंध में इंडियन फेडरेशन आॅफ वर्किंग जर्नलिस्ट के सेक्रेट्री जनरल श्री परमानंद पांडे के अनुसार 17 एवं 18 नवंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गांधी भवन में परिषद के 68वें सत्र की शुरूआत होगी।
भोपाल। इंडियन फेडरेशन आॅफ वर्किंग जर्नलिस्ट की राष्ट्रीय कार्य परिषद की बैठक 17 एवं 18 नवबंर को लखनऊ में आयोजित की गई है। इस संबंध में इंडियन फेडरेशन आॅफ वर्किंग जर्नलिस्ट के सेक्रेट्री जनरल श्री परमानंद पांडे के अनुसार 17 एवं 18 नवंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गांधी भवन में परिषद के 68वें सत्र की शुरूआत होगी। दो दिन तक चलने वाले इस सत्र ...

बाल पत्रकारिता : संभावना एवं चुनौतियां ...

बाल पत्रकारिता : संभावना एवं चुनौतियां ...
-मनोज कुमार बीते 5 सितम्बर 2014, शिक्षक दिवस के दिन जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बच्चों से रूबरू हो रहे थे तब उनके समक्ष देशभर से हजारों की संख्या में जिज्ञासु बच्चे सामने थे। अपनी समझ और कुछ
-मनोज कुमार बीते 5 सितम्बर 2014, शिक्षक दिवस के दिन जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बच्चों से रूबरू हो रहे थे तब उनके समक्ष देशभर से हजारों की संख्या में जिज्ञासु बच्चे सामने थे। अपनी समझ और कुछ झिझक के साथ सवाल कर रहे थे। इन्हीं हजारों बच्चों में छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा से एक बच्ची ने आदिवासी बहुल इलाके में उच्चशिक्षा उपलब्ध कराने संबंधी सव ...

कैलाश सत्यार्थी के नाम- हुनर को खत्म करने की साजिश ...

कैलाश सत्यार्थी के नाम- हुनर को खत्म करने की साजिश ...
(कॅंवल भारती)। जिन्होंने भी दलित लेखक श्योराजसिंह बेचैन की आत्मकथा ‘मेरा बचपन मेरे कंधों पर’ पढ़ी है, वे जानते होंगे कि किस तरह लेखक ने मृतक पशुओं को उठाने और उनकी खाल उतारने से लेकर खेत-खलिहानों तक में मजदूरी करके अपना और अपने भाई-बहनों का पेट पाला था। मेरा सवाल यहाँ यह है कि अगर बालश्रम कानून के तहत उस बालक को मजदूरी करने से रोक दिया गया होता, तो उसका और उसके परिवार का क्या हुआ होता?
(कॅंवल भारती)। जिन्होंने भी दलित लेखक श्योराजसिंह बेचैन की आत्मकथा ‘मेरा बचपन मेरे कंधों पर’ पढ़ी है, वे जानते होंगे कि किस तरह लेखक ने मृतक पशुओं को उठाने और उनकी खाल उतारने से लेकर खेत-खलिहानों तक में मजदूरी करके अपना और अपने भाई-बहनों का पेट पाला था। मेरा सवाल यहाँ यह है कि अगर बालश्रम कानून के तहत उस बालक को मजदूरी करने से रोक दिया गया होता, ...

जिंदल स्टील के खिलाफ सीबीआई ने शुरू की जांच ...

जिंदल स्टील के खिलाफ सीबीआई ने शुरू की जांच ...
नई दिल्ली। सीबीआई ने जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ ताजा जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि जिंदल स्टील ने पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मिलकर खनन के लिए झारखंड में वन भूमि उपयोग में फेरबदल किया है।
नई दिल्ली। सीबीआई ने जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ ताजा जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि जिंदल स्टील ने पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मिलकर खनन के लिए झारखंड में वन भूमि उपयोग में फेरबदल किया है। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि जेएसपीएल और पर्यावरण मंत्रालय ने कथित तौर पर अनियमितताएं बरतते हुए 2007-13 के बीच सारं ...

जुकरबर्ग को आप जानते हैं? मैं नहीं जानता ...

जुकरबर्ग को आप जानते हैं? मैं नहीं जानता  ...
जुकरबर्ग को आप जानते हैं? मैं नहीं जानता और न ही मेरी जानने में कोई रुचि है। दरअसल, पिछले दिनों ये कोई जुकरबर्ग नाम के शख्स ने हिन्दी पत्रकारों के साथ
मनोज कुमार,वरिष्ठ पत्रकार, मध्यप्रदेश जुकरबर्ग को आप जानते हैं? मैं नहीं जानता और न ही मेरी जानने में कोई रुचि है। दरअसल, पिछले दिनों ये कोई जुकरबर्ग नाम के शख्स ने हिन्दी पत्रकारों के साथ जो व्यवहार किया, वह अनपेक्षित नहीं था। वास्तव में ये महाशय भारत में तो आये नहीं थे। इनका वेलकम तो इंडिया में हो रहा था। फिर ये भारतीय पत्रकारों को क्यो ...

मैंने संघ क्यों छोड़ा? ...

मैंने संघ क्यों छोड़ा? ...
विकास पाठक, सहायक प्रोफ़ेसर, शारदा यूनिवर्सिटी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी अपने को 'राष्ट्रवादी' विचारधारा से संचालित संगठन बताते हैं.
विकास पाठक, सहायक प्रोफ़ेसर, शारदा यूनिवर्सिटी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी अपने को 'राष्ट्रवादी' विचारधारा से संचालित संगठन बताते हैं. मेरे विचार से भारत में 'राष्ट्रवाद' की विचारधारा की जनक भाजपा से ज़्यादा कांग्रेस रही है.वहीं, संघ की विचारधारा एक समुदाय मात्र को मजबूत करने वाली प्रतीत होती है.भारत जैसी सांस्कृतिक विविधता वाले ...

वर्तमान राजनीति में पत्रकार क्या करे ...

वर्तमान राजनीति में पत्रकार क्या करे ...
कई बार विचार आता है कि फेसबुक पर राजनीति पर कम से कम लिखूं। अखबारों में तो लिखता ही रहता हूं। बहस में भी बोलना ही पड़ता है। इसका पहला कारण तो यह है कि दुर्भाग्य से देश के सारे मुद्दे पर राजनीति के हाबी हो जाने से हमारा समाज कई प्रकार के संकटों का शिकार हुआ। इनमें सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक...सभी प्रकार के संकट हैं।
Awadhesh Kumar। मित्रों, कई बार विचार आता है कि फेसबुक पर राजनीति पर कम से कम लिखूं। अखबारों में तो लिखता ही रहता हूं। बहस में भी बोलना ही पड़ता है। इसका पहला कारण तो यह है कि दुर्भाग्य से देश के सारे मुद्दे पर राजनीति के हाबी हो जाने से हमारा समाज कई प्रकार के संकटों का शिकार हुआ। इनमें सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक...सभी प्रकार के संकट हैं। ...

एक पत्रकार की नजर से देखिए गांधी मैदान को ...

एक पत्रकार की नजर से देखिए गांधी मैदान को ...
Gyaneshwar Vatsyayan। खबरों का योद्धा हूं । सोमवार को पटना की सड़कों पर आंखें बहुत कुछ पढ़ रही थी । सरकार का खूनी चेहरा/इरादा/पागलपन साफ दिख रहा था । नेपथ्‍य में गांधी मैदान का दशहरा हादसा था । आंखों की स्‍टडी को तुलनात्‍मक भी रखना था ।
Gyaneshwar Vatsyayan। खबरों का योद्धा हूं । सोमवार को पटना की सड़कों पर आंखें बहुत कुछ पढ़ रही थी । सरकार का खूनी चेहरा/इरादा/पागलपन साफ दिख रहा था । नेपथ्‍य में गांधी मैदान का दशहरा हादसा था । आंखों की स्‍टडी को तुलनात्‍मक भी रखना था । बगैर तस्‍वीरों की बात नहीं बनती । इस पोस्‍ट के साथ कुल आठ तस्‍वीरें हैं । सबों को बहुत ध्‍यान से देखियेगा । ...

थानवी साहब के सवाल का प्रदीप ने यूं दिया जवाब ...

थानवी साहब के सवाल का प्रदीप ने यूं दिया जवाब ...
Om Thanvi (थानवी साहब के सवाल)। अमेरिका के राष्ट्रपति हर शनिवार रेडियो पर मन की बात कहते हैं, "वीकली एड्रेस" नाम से। शायद उससे थोड़ी प्रेरणा नरेंद्र
Om Thanvi (थानवी साहब के सवाल)। अमेरिका के राष्ट्रपति हर शनिवार रेडियो पर मन की बात कहते हैं, "वीकली एड्रेस" नाम से। शायद उससे थोड़ी प्रेरणा नरेंद्र मोदी लेते आए हैं। पर हमारे प्रधानमंत्री ने अपने पहले रेडियो प्रसारण के लिए विजयदशमी का दिन चुना, जो हिन्दू त्योहार है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्थापना दिवस भी है। बहरहाल उन्होंने "मन की बात" में ...

मीडिया जगत में स्त्री शरीर को कैश कराने की होड़ कितनी सही कितनी गलत ....? ...

मीडिया जगत में स्त्री शरीर को कैश कराने की होड़ कितनी सही कितनी गलत ....? ...
सौंदर्य और आकर्षण का अटूट रिश्ता है, सौंदर्य से दुनियाँ के समृद्ध साहित्य अटे पड़े है, चाहे पूरब हो या पश्चिम सभी जगह कवियों ने साहित्यकारों ने, चित्रकारों ने यहाँ
सौंदर्य और आकर्षण का अटूट रिश्ता है, सौंदर्य से दुनियाँ के समृद्ध साहित्य अटे पड़े है, चाहे पूरब हो या पश्चिम सभी जगह कवियों ने साहित्यकारों ने, चित्रकारों ने यहाँ तक की ऋषि मुनियो ने भी सौंदर्य को अपना आधार बनाया! किसी ने प्रकृति की गोद में जाकर प्रकृति के सौंदर्य में ईश्वर को ढूंढा और पाया तो किसी ने स्त्री सौंदर्य में ही समूची प्रकृति को ढून ...

अब श्रीलंका के अखबार सीलोन टुडे ने जोड़ा एक नया आयाम ...

अब श्रीलंका के अखबार सीलोन टुडे  ने जोड़ा एक नया आयाम  ...
जब त्रि-आयामी यानी थ्री-डी सिनेमा आया, तो यह दुनिया भर में कौतूहल का विषय बना। थ्री-डी तकनीकी के इफेक्ट को महसूस करने के लिए खास चश्मे बने और दर्शकों
जब त्रि-आयामी यानी थ्री-डी सिनेमा आया, तो यह दुनिया भर में कौतूहल का विषय बना। थ्री-डी तकनीकी के इफेक्ट को महसूस करने के लिए खास चश्मे बने और दर्शकों को दिए गए। यह दृश्य माध्यम में थ्रिल और सनसनी का दौर था। सिनेमा के परदे से निकलकर यह तकनीक अखबारों और पत्रिकाओं तक भी पहुंची, हालांकि वहां इसने इतनी सनसनी नहीं पैदा की। लेकिन अब श्रीलंका के अखबार सीलो ...

बेस्ट नहीं , ब्रेस्ट मीडिया ...

बेस्ट नहीं , ब्रेस्ट मीडिया  ...
बेस्ट होता है सबसे बढ़िया , ब्रेस्ट औरत के स्तन को कहते हैं ! हालिया "नंगई" करने में माहिर, "टाइम्स ऑफ इंडिया" नाम के "बेस्ट" अंगरेजी अखबार, ने "ब्रेस्ट"
बेस्ट होता है सबसे बढ़िया , ब्रेस्ट औरत के स्तन को कहते हैं ! हालिया "नंगई" करने में माहिर, "टाइम्स ऑफ इंडिया" नाम के "बेस्ट" अंगरेजी अखबार, ने "ब्रेस्ट" जर्नलिज़्म की अपनी शातिराना परम्परा को जारी रखा ! बॉलीवुड की अदाकारा दीपिका पादुकोण के आंशिक स्तनों का पूरा प्रदर्शन करने की चाह में आलोचना का पात्र भी बना ! लोगों ने गरियाया भी ! ...

बचना - बढ़ना हिंदी का ....!! ...

बचना - बढ़ना हिंदी का ....!! ...
मेरे छोटे से शहर में जब पहली बार माल खुला , तो शहरवासियों के लिए यह किसी अजूबे से कम नहीं था। क्योंकि यहां सब कुछ अप्रत्याशित औऱ अकल्पनीय था। इसमें
तारकेश कुमार ओझा। मेरे छोटे से शहर में जब पहली बार माल खुला , तो शहरवासियों के लिए यह किसी अजूबे से कम नहीं था। क्योंकि यहां सब कुछ अप्रत्याशित औऱ अकल्पनीय था। इसमें पहुंचने पर लोगों को किसी सपनीली दुनिया में चले जाने का भान होता। बड़ी - बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों की चकाचौंध भरे विज्ञापन लोगों को हैरत में डाल देते थे। लेकिन इसमें एक ख ...
Latest News समीप राजगुरु अब इंडिया टीवी का हिस्सा बने उजाला का कारनामा::::सर्दी का फोटो गर्मी में न्यूज एक्सप्रेस में बने रहेंगे वरिष्ठ पत्रकार प्रसून शुक्ला, इस्तीफा वापस मीडिया कभी-कभार अपनी लक्ष्मण रेखा पार कर जाए तो उसे माफ़ कर देना चाहिए जर्नलिस्ट (पी एंड ई) एसोसिएशन हरियाणा की बैठक सम्पन्न कवि जहीर व नूरैन को अतुल माहेश्वरी अमर वाणी सम्मान बसंत झा ने प्रजातंत्र लाइव में ला दिया पतझड़ Google Celebrates American Journalist Nellie Bly's 151st Birth Anniversary नेटवर्क18 ने लांच किया ईटीवी उड़िया कानपुर में अब फर्जी पत्रकारों की शामत Net Neutrality: फेसबुक ने कंटेंट और एप डेवलपर के लिए प्लेटफॉर्म किया लॉन्च नंबर वन आजतक का ये हाल है आई नेक्‍स्‍ट बरेली में यह क्‍या हाे रहा है अमर उजाला में सेलरी हुई आधी, यूनिटों में मचा हड़कंप तो जल्द ही अभिजात्य वर्ग की गिरफ्त में होगी पत्रकारिता भी....!! मजीठिया के लिए लडऩे वालों को धिक्कारते-गरियाते हैं ये भास्करिए राजस्थान के विभिन्न अख़बारों के पत्रकार व गैर-पत्रकार मजीठिया के लिए एक मंच पर किसान चैनल की लांचिंग की एक और डेट, मोदी के हाथों लांच कराने की तैयारी प्रसार भारती में जोर - जुगाड़ और तिकड़म का कंसल्टेंट दैनिक हिंदुस्तान से नसीरुद्दीन हैदर का इस्तीफा Journalist, writer Amitabha Chowdhury dies at 88 मीडियाकर्मी को फर्जी मामले में फंसाने का कुचक्र रचा चैनल के संवाददाता जावेद अंसारी पर हमला दोयम दर्जे के संपादकों की गिरफ्त में है मीडिया नेपाल में भारतीय मीडिया को लेकर इतना हंगामा है क्यों बरपा? सहारा के निवेशकों को धन लौटाने के लिये सेबी का एक और प्रयास फेसबुक की सीओओ शेरिल सैंडबर्ग के पति का निधन ...जब शाह जी ने मेरे ही ऊपर खबर बना दी शेखर ने मानी भूल मजीठिया के लिए आरपार की लड़ाई शुरू, नोएडा में जुटे 51 मामलों के प्रतिनिधि प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन से 10 और इस्तीफे Case against Andhra Prabha editor सीएनएन के लिए ब्रेन सर्जरी फिल्माने वाले पत्रकार-डॉक्टर पर उठे सवाल Dr. Harish Khare, new Editor-in-Chief फिर सुर्खियों में शार्ली अब्दो, पेन पुरस्कार पर विवाद गहराया राष्ट्रीय पत्रकार कल्याण आयोग बने जनसंदेश की खबरों की चोरी कर रहे जागरण और आईनेक्स्ट शर्म इन्हें, मगर नहीं आती मजीठिया वेज बोर्ड: अफवाहों से बचें, विशेष जांच टीम से हकीकत बयां करें अखंड प्रताप सिंह को अमर उजाला कानपुर यूनिट का भी प्रभार स्नैपडील के सीईओ, निदेशकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज राजस्थान ने बजाया बिगुल, राज्यपाल-मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन जयपुर भास्कर प्रबंधन ओछी हरकतो पर उतरा श्रमजीवी पत्रकारों ने सौंपा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भागलपुर भास्कर की नज़र देवघर यूनिट पर मजीठिया से बचने के लिए बटरिंग पर उतर आया दैनिक जागरण दैनिक जागरण की लुधियाना इकाई के लेखाधिकारी श्याम ठाकुर व पत्नी की जमकर धुनाई अखबारों को कमाई करवाएगा गूगल ABP न्यूज की महिला पत्रकार का मुंबई के कार्यक्रम में अपमान मनमोहन ने मांगी प्रसार भारती से अपने भाषणों की डीवीडी उठो, जागो, चलो, तब तक न रूको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए