सौरभ शर्मा ने छोड़ा जागरण, कहा अंदरूनी राजनीति हावी आईबीएन लोकमत को निखिल वागले ने भी बोला, अलविदाजागरण के सीईओ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का मामला दर्जजिया न्यूज का नोएडा में शटर गिरा अब मुंबई जाएगा लखनऊ निर्भयाकांड में पुलिस करेगी एक मीडियाकर्मी को भी गिरफ्तारसुधीर नारायण के घर का ताला तोड़ चोरों ने की लाखों की लूट हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड का पहली तिमाही में मुनाफा 12 प्रतिशत बढ़ा “आप संपादक हैं क्या?”वरिष्ठ पत्रकार धर्मशील चतुर्वेदी पहले विजयश्री सम्मान से नवाजे गए कलराज मिश्र की पुस्तक का लोकार्पण आजराजनाथ सिंह जब हिंदी में बोले तो अंग्रेजी वालों का बहुत कष्ट हुआअमर उजाला, कानपुर में चंद्रभान व प्रदीप का प्रमोशनराज्यसभा टीवी चैनल में बतौर प्रोड्यूसर कार्यरत मिलिता दत्ता मंडल की रहस्यमय मौत कैमरे के सामने रहने वाला फोटोग्राफरों से है परेशान अंशधारकों को शुरुआत में यूएएन प्रदान करेगा ईपीएफओबेनेट कोलमैन, वैदिक के अधर्म में मारा गया धर्मयुगरामदेव ने की पत्रकार वैदिक पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग मजबूत साइबर सुरक्षा नीति लागू करेगी सरकारः रविशंकर प्रसाद वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा की पत्नी से लूट पत्रिका, भास्कर,नईदुनिया, जागरण के कर्मचारी जाएंगे INS और Non INS एजेंसीज के पास मजीठिया के पक्ष में खड़ा हुआ नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स इंडियासुनहरी यादें छोड़ जागरण फिल्म फेस्टिवल विदादैनिक भास्कर,बठिंडा से इस्तीफा देंगे दो स्टाफ रिपोर्टरअमर उजाला की जम्मू वेबसाइट लांचअमर उजाला के दो अफसरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट बाबा कानपुरी को ‘साहित्य श्री’ सम्मानपंजाब केसरी ने मजीठिया न देना पड़े इसलिए पत्रकारों को बनाया प्रूफ रीडर टीवी में आजकल ब्रांडेड संपादक की भीड़मोदी ‘मीडिया सलाहकार’ की नियुक्ति नहीं करेंगे! ठक्कर ही लेंगे टक्करवरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. नेत्रपाल सिंह और डाॅ. पी.एन. सिंह सम्मानितजॉर्डन के स्टूडियों में पत्रकार और वकील के बीच शो के दौरान मारपीटपूर्वांचल प्रहरी के मालिक घीसालाल अग्रवाल पर उद्योगपति कैलाश लोहिया ने ठोंका 100 करोड़ का मुकदमाप्रेस काउंसिंल के अध्यक्ष काटजू के खुलासे से देशभर में हंगामाशोध पत्रिका समागम का नया अंक प्रेमचंद पर केन्द्रितSudan: editor attacked after supporting Israelललितपुर में फर्जी पत्रकार गिरफ्तार सिद्धार्थनगर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह, खूब बोेले पालहां मैं मिला था दाउद से (हिंदी में पढ़े)हिंदुस्तान, बरेली के दीप तिवारी और क्राइम रिपोर्टर को तीन युवकों ने पीटा Zee Entertainment June quarter net profit drops 6.2%वरिष्ठ पत्रकार वैदिक के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की दरख्वास्त धीरेंद्र श्रीवास्तव बनें श्री टाइम्स में सलाहकार संपादक वैदिक अंग्रेजी के पत्रकार होते तो ऐसा नहीं होताDB Corp Q1 net profit may rise 5.5% to Rs 80 cr: Pollसुमित्रा महाजन के संभावी ओएसडी नई दुनिया के सुरेश बाफना का विरोधसुशील राणा के साथ जागरण का एक और खेल, देखिएअब वैदिक की राजद्रोह में गिरफ्तारी की मांगSenior journalist passes awayगेल के गले अटका महिला पत्रकार से अभद्रतामलोट में खबर को लेकर झगड़े में पत्रकार पर चलार्इ गोली, जान बची

बेनेट कोलमैन, वैदिक के अधर्म में मारा गया धर्मयुग ...

बेनेट कोलमैन, वैदिक के अधर्म में मारा गया धर्मयुग ...
दक्षिणी दिल्ली में प्रेस इन्क्लेव पत्रकारों की एक कॉलोनी है। इसी कॉलोनी के एक फ्लैट में रघुवीर सहाय रहते थे। यहीं दिसंबर, 1990 में उनकी मृत्यु हुई। इसी कॉलोनी
♦ आलोक श्रीवास्‍तव दक्षिणी दिल्ली में प्रेस इन्क्लेव पत्रकारों की एक कॉलोनी है। इसी कॉलोनी के एक फ्लैट में रघुवीर सहाय रहते थे। यहीं दिसंबर, 1990 में उनकी मृत्यु हुई। इसी कॉलोनी में दिल्ली के कई नामी-गिरामी पत्रकार रहते हैं। 11 अगस्त, 1996 को इस कॉलोनी में अचानक दिल्ली के पत्रकारों का आना-जाना बढ़ गया। बड़े-बड़े पत्रकार – हां, बेशक हिंदी के। मही ...

हां मैं मिला था दाउद से (हिंदी में पढ़े) ...

हां मैं मिला था दाउद से (हिंदी में पढ़े) ...
इस लेख को शीर्षक देने के दो तरीके हो सकते हैं। पहला, हां, मैं दाउद इब्राहिम से मिला और मैं एक आतंकवादी नहीं हूं। और दूसरा मैं केवल एक पत्रकार हूं और मेरा नाम वैदिक नहीं है। अब मैं
इस लेख को शीर्षक देने के दो तरीके हो सकते हैं। पहला, हां, मैं दाउद इब्राहिम से मिला और मैं एक आतंकवादी नहीं हूं। और दूसरा मैं केवल एक पत्रकार हूं और मेरा नाम वैदिक नहीं है। अब मैं पहले सवाल का जवाब देता हूं और मैं इसकी पूरी जानकारी देना चाहता हूं। मैं जरनैलसिंह भिंडरावाले से डेढ़ दर्जन बार मिला हूं। इसके अलावा, ललडेंगा, तुइंगलेंग मुइवा, गुलुबुद ...

पत्रकारिता में पुरानी है आत्मप्रवंचना की बीमारी ...!! ...

पत्रकारिता में पुरानी है आत्मप्रवंचना की बीमारी ...!! ...
भारतीय राजनीति के अमर सिंह और हाफिज सईद से मुलाकात करके चर्चा में आए वेद प्रताप वैदिक में भला क्या समानता हो सकती है। लेकिन मुलाकात पर मचे बवंडर
भारतीय राजनीति के अमर सिंह और हाफिज सईद से मुलाकात करके चर्चा में आए वेद प्रताप वैदिक में भला क्या समानता हो सकती है। लेकिन मुलाकात पर मचे बवंडर पर वैदिक जिस तरह सफाई दे रहे हैं, उससे मुझे अनायास ही अमर सिंह की याद हो आई। तब भारतीय राजनीति में अमर सिंह का जलवा था। संजय दत्त , जया प्रदा व मनोज तिवारी के साथ एक के बाद एक नामी - गिरामी सितारे सम ...

आपने सुना है शिवमूर्ति को ...

आपने सुना है शिवमूर्ति को ...
बहुत कम ही लेखकों के साथ ऐसा होता है कि वे जितना अच्छा लिखते हैं, उतना ही अच्छा बोलते भी हैं। शिवमूर्ति ऐसे ही रचनाकार हैं। जो पढ़ने बैठिए तो लगता है
बहुत कम ही लेखकों के साथ ऐसा होता है कि वे जितना अच्छा लिखते हैं, उतना ही अच्छा बोलते भी हैं। शिवमूर्ति ऐसे ही रचनाकार हैं। जो पढ़ने बैठिए तो लगता है कि एक ही सांस में पूरा खत्म कर लें और जो सुनिए तो बस सुनते ही चले जाइए। उनका कहा रोचक भी होता है और विचारपूर्ण भी। किस्से-कहानी, लोकगीत-दोहा-चौपाई, कहावतें-मुहावरों का तो विपुल भण्डार है उनके पास । चुट ...

ज्यादातर न्यूज चैनल केवल तमाशाई ...

ज्यादातर न्यूज चैनल केवल तमाशाई  ...
अगर भारत जैसे देश में मीडिया कारोबार को पूरी तरह मुक्त कर दिया जाता है, तो क्रॉस मीडिया स्वामित्व पर कानूनी पहल, मीडिया में विविधता या न्यायपूर्ण
।। उर्मिलेश ।। अगर भारत जैसे देश में मीडिया कारोबार को पूरी तरह मुक्त कर दिया जाता है, तो क्रॉस मीडिया स्वामित्व पर कानूनी पहल, मीडिया में विविधता या न्यायपूर्ण व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा जैसे सवालों पर कौन नीति-निर्धारण करेगा? इन दिनों मीडिया से जुड़ा एक जरूरी सवाल गलत ढंग से उठाया जा रहा है. जब से नये सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने ...

Free media and good governance ...

Free media and good governance ...
A.S. PANNEERSELVAN । Any modern society strives to fulfil its own mandate and uses remembrance, memory and
A.S. PANNEERSELVAN । Any modern society strives to fulfil its own mandate and uses remembrance, memory and commemoration as an effective checklist. Last week marked two important milestones for freedom of expression and a major global initiative led by the United Nations Organisation. The 2014 PEN/Pinter Prize was awarded to Salman Rushdie. June 19 ...

गिरोह पत्रकारिता में सिसक रही है पत्रकारिता। ...

 गिरोह पत्रकारिता में सिसक रही है पत्रकारिता। ...
गिरोह पत्रकारिता में सिसक रही है पत्रकारिता। जितना बड़ा झूठा और दलाल उतना बड़ा पत्रकार। पहले के ज़माने में पत्रकारिता और पत्रकार की पहचान कंटेंट , जानकारी
गिरोह पत्रकारिता में सिसक रही है पत्रकारिता। जितना बड़ा झूठा और दलाल उतना बड़ा पत्रकार। पहले के ज़माने में पत्रकारिता और पत्रकार की पहचान कंटेंट , जानकारी ,विश्वश्नीयता , और ईमानदारी की वजह से होती थी लेकिन अब पत्रकारिता और पत्रकार की पहचान झूठ बोलने में महारथ , दलाली करने में पारंगत और मालिको को खुश रखने की कला से होती है। अगर इन गुणों के बाद थोड़ा ...

‘Our essential qualifications have changed… but a reporter’s life is mor ...

‘Our essential qualifications have changed… but a reporter’s life is mor ...
Editor-in-chief Shekhar Gupta writes a farewell note to ‘The Indian Express’ newsroom
I had promised to write specially to my fellow reporters. I am delivering on it now, sure enough, just before the deadline runs out. Which is so typical of us. I had said also that I shall write this note even at the risk of being accused of crass tribalism. But it isn’t just that. In our more vain moments — which assail a reporter’s mind of ...

दंभहीन और भारतीय संस्कृति के शांत प्रकोष्ठों को ढूंढ़नेवाले संपादक थे ना ...

दंभहीन और भारतीय संस्कृति के शांत प्रकोष्ठों को ढूंढ़नेवाले संपादक थे ना ...
।। अनुराग चतुर्वेदी।। नारायण दत्त जी दंभहीन और भारतीय संस्कृति के शांत प्रकोष्ठों को ढूंढ़नेवाले संपादक थे. उन्होंने ‘नवनीत’ को नैतिक पत्रिका बनाया और हिंदी
।। अनुराग चतुर्वेदी।। नारायण दत्त जी दंभहीन और भारतीय संस्कृति के शांत प्रकोष्ठों को ढूंढ़नेवाले संपादक थे. उन्होंने ‘नवनीत’ को नैतिक पत्रिका बनाया और हिंदी पत्रकारिता के लिए उच्च आदर्श स्थापित किये. वे शांत, सादगीपूर्ण, मृदुभाषी और आश्चर्यजनक रूप से सत्ता, प्रसिद्धि और चमक-दमक से दूर रहनेवाले व्यक्ति थे. उन्होंने ‘स्क्रीन’ जैसे फिल्मी साप्ताहिक से ...

मनीषी संपादक श्री नारायणदत्त के जाने से मन उदास है... ...

मनीषी संपादक श्री नारायणदत्त के जाने से मन उदास है... ...
मन बहुत उदास है। अचानक खबर मिली कि नए लेखकों को खोजने, उनकी कलम को तराशने और उन्हें आगे बढ़ाने वाले मनीषी संपादक श्री नारायणदत्त नहीं रहे। वह एक
मन बहुत उदास है। अचानक खबर मिली कि नए लेखकों को खोजने, उनकी कलम को तराशने और उन्हें आगे बढ़ाने वाले मनीषी संपादक श्री नारायणदत्त नहीं रहे। वह एक जून को चल बसे। वह उन महान संपादकों में से एक थे, जिन्होंने नवनीत डाइजेस्ट के संपादक के रूप में विभिन्न विषयों के लेखकों की नई पीढ़ियां तैयार कीं। उनकी कलम में भाषा के लालित्य, उसके अनुशासन और विषय क ...

क्या आपने प्रथम पृष्ठ पर डरे हुए हिंदुस्तान का घटिया संपादकीय पढ़ा ? ...

क्या आपने प्रथम पृष्ठ पर डरे हुए हिंदुस्तान का घटिया संपादकीय पढ़ा ? ...
हिंदुस्तान के आगरा और अलीगढ़ क्षेत्र से जुड़े संस्करणों में इस रविवार (01 जून, 2014) को एक डरे हुए और घटिया संपादकीय ने माह की शुरूआत ही
एक पत्रकार इस आर्टिकल से सहमत नहीं है पर आप सहमत हैं या नहीं पर जरूर कमेंट करिए ...देखिए..... हिंदुस्तान के आगरा और अलीगढ़ क्षेत्र से जुड़े संस्करणों में इस रविवार (01 जून, 2014) को एक डरे हुए और घटिया संपादकीय ने माह की शुरूआत ही बिगाड़ दी। 'बदले-बदले से सरकार नजर आते हैं' शीर्षक से प्रकाशित इस संपादकीय में यह बताने की कोशिश की गई है कि ...

नई राह तलाशती रफ्तार की पत्रकारिता ...

नई राह तलाशती रफ्तार की पत्रकारिता ...
मुकुल श्रीवास्तव, असिस्टेंट प्रोफेसर, लखनऊ विश्वविद्यालय। खबरों को जो सबसे तेजी से लोगों तक पहुंचाता है, वही समाचारों की दुनिया का बादशाह होता है। अखबार,
मुकुल श्रीवास्तव, असिस्टेंट प्रोफेसर, लखनऊ विश्वविद्यालय। खबरों को जो सबसे तेजी से लोगों तक पहुंचाता है, वही समाचारों की दुनिया का बादशाह होता है। अखबार, रेडियो और टीवी के बाद आज इंटरनेट तेजी का पर्याय बन चुका है, बल्कि इंटरनेट अब खबरों की दुनिया के एक ऐसे हिस्से को प्रभावित कर रहा है, जिसके बारे में आमतौर पर चर्चा कम ही होती है। आम तौर पर खबरों का ...

हिन्दी पत्रकारिता का संडे स्पेशल... ...

हिन्दी पत्रकारिता का संडे स्पेशल... ...
मनोज कुमार। संडे स्पेशल शीर्षक देखकर आपके मन में गुदगुदी होना स्वाभाविक है। संडे यानि इतवार और स्पेशल मतलब खास यानि इतवार के दिन कुछ खास और इस
मनोज कुमार। संडे स्पेशल शीर्षक देखकर आपके मन में गुदगुदी होना स्वाभाविक है। संडे यानि इतवार और स्पेशल मतलब खास यानि इतवार के दिन कुछ खास और इस खास से सीधा मतलब खाने से होता है लेकिन इन दिनों मीडिया में संडे स्पेशल का चलन शुरू हो गया है। संडे स्पेशल स्टोरी इस तरह प्रस्तुत की जाती है मानो पाठकों को खबर या रिपोर्ट पढऩे के लिये न देकर खाने के लिये कह र ...

Of paid news and underpaid newsmen ...

Of paid news and underpaid newsmen ...
The Statesman19 May 2014। When volumes of space are devoted to discussing the paid news menace, it is always forgotten that
The Statesman19 May 2014। When volumes of space are devoted to discussing the paid news menace, it is always forgotten that most media employees remain deprived of basic minimum facilities in northeast India. The paid news issue may create the impression that politicians are feeding the media groups, but the truth remains that employees never g ...

Unpaid media employees of India ...

Unpaid media employees of India ...
India’s highest court on April 9 ruled that journalists and non-journalists of newspapers and news agencies are
By NJ Thakuria India’s highest court on April 9 ruled that journalists and non-journalists of newspapers and news agencies are entitled to a pay hike under the recommendations of the Majithia Wage Board. Dismissing pleas by various owners seeking a review of its earlier judgment, the Supreme Court directed publishers to implement the recomm ...

सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या हुआ...दरकते ख्वाब ...

सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या हुआ...दरकते ख्वाब ...
-संजीव चौहान। सपने बड़े देखिये, जब सपने आंखों में पलेंगे तभी वे साकार होंगे। यह मेरा मानना है, जरुरी नहीं कि, मेरे मत से सब सहमत हों। बड़े सपने देखते वक्त, बस इसका
-संजीव चौहान। सपने बड़े देखिये, जब सपने आंखों में पलेंगे तभी वे साकार होंगे। यह मेरा मानना है, जरुरी नहीं कि, मेरे मत से सब सहमत हों। बड़े सपने देखते वक्त, बस इसका ख्याल जरुर रखिये कि, ख्वाबों के टूटने पर, आपमें उन्हें दुबारा देखने का माद्दा शेष बचता है या नहीं। अगर आप टूटे/ बिखरे ख्वाबों को दुबारा जोड़कर उन्हें सजाने की कलाकारी नहीं जानते हैं, तो ...

दहेज लोभियों के कारण गई वरिष्ठ पत्रकार की बेटी की जान ...

दहेज लोभियों के कारण गई वरिष्ठ पत्रकार की बेटी की जान ...
ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के कृष्णा नगर इलाके में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार की इकलौती बेटी ने फांसी लगाकरी खुदकुशी कर ली। मृतक लड़की का नाम रवीना शर्मा उर्फ दामिनी (20) के रूप में हुई।
ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के कृष्णा नगर इलाके में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार की इकलौती बेटी ने फांसी लगाकरी खुदकुशी कर ली। मृतक लड़की का नाम रवीना शर्मा उर्फ दामिनी (20) के रूप में हुई। पुलिस को कमरे से सूइसाइड नोट भी मिला है। नोट में लड़की ने अपने पैरेंटस से माफी मांगी है। आरोप है कि वह जिस लड़के से प्यार करती थी उसके परिवार वालों ने शादी में होंडा सिटी कार ...

पेड न्यूज के चलन से मीडिया की विश्वसनीयता खतरे में ...

पेड न्यूज के चलन से मीडिया की विश्वसनीयता खतरे में ...
सोलहवीं लोकसभा के लिए हो रहे चुनाव की कवरेज के लिए मीडिया खुलकर मैदान में आ गया है। इस कवरेज के तहत विभिन्न दलों के चुनाव प्रचार के अलावा उनके
सोलहवीं लोकसभा के लिए हो रहे चुनाव की कवरेज के लिए मीडिया खुलकर मैदान में आ गया है। इस कवरेज के तहत विभिन्न दलों के चुनाव प्रचार के अलावा उनके बीच आरोप-प्रत्यारोप संबंधी खबरों को प्रमुखता से पेश किया जा रहा है। अनेक प्रमुख प्रत्याशियों के राजनीतिक जीवन के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। यह सब कुछ इस कदर हो रहा है कि चारों ओर बस चुनाव की ही चर् ...

मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल ...

मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल  ...
मीडिया की विश्वसनीयता पर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। एक आम मतदाता (नागरिक) को भी लगने लगा है कि मीडिया बैलेंस नहीं है। कई तार्किक सवाल भी
मीडिया की विश्वसनीयता पर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। एक आम मतदाता (नागरिक) को भी लगने लगा है कि मीडिया बैलेंस नहीं है। कई तार्किक सवाल भी किए जाने लगे हैं। ये सारे सवाल एक तरह से मीडिया की विश्वसनीयता को लेकर हो रहे हैं। कतिपय सवालों में अतिरेक हो सकता है मगर सारे सवाल निरर्थक नहीं है। आम मतदाताओं की सोच में जो पार्टी या उम्मीदवार कहीं दिख भ ...

चुनाव में दावं पर मीडिया की साख ...

चुनाव में दावं पर मीडिया की साख ...
वरिष्ठ पत्रकार, रवीश कुमार। इस चुनाव में मीडिया निष्पक्षता का जितना भी दावा कर ले, लेकिन नुक्कड़ों पर इसकी पक्षधरता की खूब चर्चा हो रही है. मैं चुनावी कवरेज के लिए जहां भी जाता
वरिष्ठ पत्रकार, रवीश कुमार। इस चुनाव में मीडिया निष्पक्षता का जितना भी दावा कर ले, लेकिन नुक्कड़ों पर इसकी पक्षधरता की खूब चर्चा हो रही है. मैं चुनावी कवरेज के लिए जहां भी जाता हूं, लोग पूछ देते हैं कि क्या आप मोदी का प्रचार कर रहे हैं. अलग-अलग आर्थिक और जातिगत समाज में यह सवाल गुस्से की शक्ल में मुझसे पूछा गया- टीवी पर दूसरी कोई खबर ही नहीं दिखती ...

गुजराती मीडिया को भी तोगड़िया का नोटिस ...

गुजराती मीडिया को भी तोगड़िया का नोटिस ...
मुस्लिमों को निशाना बनाकर कथित रूप से दिये गये घृणापूर्ण भाषण के कारण आलोचनाओं में घिरे विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने मीडिया खबरों को
मुस्लिमों को निशाना बनाकर कथित रूप से दिये गये घृणापूर्ण भाषण के कारण आलोचनाओं में घिरे विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने मीडिया खबरों को गलत, दुर्भावनापूर्ण और शरारतपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि वह मीडिया समूहों को कानूनी नोटिस भेज रहे हैं। खबर में कहा गया कि तोगड़िया ने गुजरात में हिन्दुओं से कहा था कि हिन्दू बहुल क्षेत्रों म ...

A unique judicial intervention ...

A unique judicial intervention ...
A year that has seen a record number of working journalists lose their jobs ended with a high court setting a
A year that has seen a record number of working journalists lose their jobs ended with a high court setting a significant precedent. In what is a unique judicial intervention, a vacation judge of the Madras High Court at Chennai issued an interim injunction restraining the management of New Generation Media Corporation Private Limited from acti ...

'दि इन्टेंशनल प्रेस कॉन्फ्रेंस फॉर एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' ...

'दि इन्टेंशनल प्रेस कॉन्फ्रेंस फॉर एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर'  ...
प्रभात रंजन दीन। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू की किताब ने कांग्रेस की रही सही कसर पूरी कर दी। बारू ने मनमोहन सिंह क्या, पूरी कांग्रेस को ही सत्ता
प्रभात रंजन दीन। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू की किताब ने कांग्रेस की रही सही कसर पूरी कर दी। बारू ने मनमोहन सिंह क्या, पूरी कांग्रेस को ही सत्ता-झंझटों से उबार दिया। सारा झंझट ही खत्म। पहले तो कांग्रेस ने बारू की किताब को आसानी से लिया था, लेकिन जब पूरे देश ने इसे गम्भीरता से ले लिया तब कांग्रेस होश में आई। कांग्रेस के शीर् ...

कथा कठपुतली प्रधानमंत्री की ...

कथा कठपुतली प्रधानमंत्री की ...
मुझे याद नहीं पड़ता कि किसी प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए उसके किसी पूर्व सलाहकार ने उसके बारे में कोई किताब लिखी हो। डॉ. संजय बारू ने लिख दी और उसका
मुझे याद नहीं पड़ता कि किसी प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए उसके किसी पूर्व सलाहकार ने उसके बारे में कोई किताब लिखी हो। डॉ. संजय बारू ने लिख दी और उसका नाम क्या दिया? एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर! अंग्रेजी के इस शब्द ‘एक्सीडेंट’ के दो अर्थ हैं। एक तो संयोग और दूसरा दुर्घटना। बारू उन्हें ‘संयोगवश प्रधानमंत्री’ कहना चाहते हैं, लेकिन वे भारत और कांग्रेस ...

Structural compulsions of crony journalism ...

Structural compulsions of crony journalism ...
P. Sainath। Here is the situation on which we begin the ideas of structural compulsions of crony journalism. Here is a
P. Sainath। Here is the situation on which we begin the ideas of structural compulsions of crony journalism. Here is a supreme Court judgement of enormous importance, which directly affects the future Indian journalists who come under the Journalist’s act, and how come the newspapers are so silent about it? This SC judgement upholds the Majithia ...

...तो जीवन के सरोकार जघन्य बन ही जाएंगे ...

...तो जीवन के सरोकार जघन्य बन ही जाएंगे ...
प्रभात रंजन दीन। जब समय हाथ से निकलता हुआ दिखता है तो दर्शन खूब दिखता है। दर्शन का मतलब ही है दिखना। जीवनभर यह कहां दिखता है। जब उम्र और ऊर्जा
प्रभात रंजन दीन। जब समय हाथ से निकलता हुआ दिखता है तो दर्शन खूब दिखता है। दर्शन का मतलब ही है दिखना। जीवनभर यह कहां दिखता है। जब उम्र और ऊर्जा जोर पर रहती है तो कामनाएं ठाठें मारती है, तब दर्शन कहां और शास्त्र कहां। तब यह नहीं समझ में आता कि जीवन का यही शास्त्र एक दिन दर्शन की ताकत देगा। जब यह ताकत आएगी तभी यह समझ में आएगा कि जीवन की क्या अनिवार् ...

शक, शक्की, शक्काइटिस ...

शक, शक्की, शक्काइटिस ...
डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी। मैं सौ फीसद पत्रकार हूँ। क्या बात है किसी को कोई शक? शक का इलाज भी होता है बशर्ते शक्की चाहे तब। हमारे इर्दगिर्द कई ऐसे भी मानव
डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी। मैं सौ फीसद पत्रकार हूँ। क्या बात है किसी को कोई शक? शक का इलाज भी होता है बशर्ते शक्की चाहे तब। हमारे इर्दगिर्द कई ऐसे भी मानव प्राणी हैं, जिन्हें ‘शक्काइटिस’ नामक भयंकर बीमारी ने जकड़ रखा है। मैं चाहता हूँ कि इन लोगों को शक की इस बीमारी से निजात मिले। ऊपर वाले की मर्जी जब वह चाहेगा तभी ऐसा मुमकिन होगा। शक की बात चली ...

सवाल मीडिया के इरादे का …(2) बस बोली लगाने की देरी है ...

सवाल मीडिया के इरादे का …(2) बस बोली लगाने की देरी है ...
भारतीय पत्रकारिता आज असामान्य दौर से गुजर रही है। पत्रकारिता सिर्फ सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का जरिया नहीं रह गई है। अब सूचना और संवाद का व्यापार होने
भारतीय पत्रकारिता आज असामान्य दौर से गुजर रही है। पत्रकारिता सिर्फ सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का जरिया नहीं रह गई है। अब सूचना और संवाद का व्यापार होने लगा है। पत्रकारिता के जरिये सरकारों का गठन, उत्थान और पतन हो रहा है। एक छोटी-सी अखबारी सूचना से समाज में तनाव, विवाद और संघर्ष पैदा हो रहे हैं। इलेक्ट्रानिक माध्यमों के ब्रेकिंग न्यूज से ऐसा अनेक झड़ ...

सवाल मीडिया के इरादे का … ...

सवाल मीडिया के इरादे का … ...
लोकतंत्र के तीनों स्तंभ आवश्यकतानुसार मीडिया का उपयोग करते हैं। मीडिया शांति के लिए कारगर है और अशांति के लिए भी। मीडिया न सिर्फ संघर्ष को पैदा करता और
लोकतंत्र के तीनों स्तंभ आवश्यकतानुसार मीडिया का उपयोग करते हैं। मीडिया शांति के लिए कारगर है और अशांति के लिए भी। मीडिया न सिर्फ संघर्ष को पैदा करता और बढ़ावा दे सकता है, बल्कि उसका समाधान भी कर सकता है। सवाल मीडिया के इरादे का है। मीडिया की यही शक्ति है जिसे अपने-अपने हिसाब से न सिर्फ लोकतंत्र के सभी स्तंभ उपयोग कर रहे हैं, बल्कि अन्य सामाजिक श ...

अरविंद केजरीवाल की हार में भी जीत है ...

अरविंद केजरीवाल की हार में भी जीत है  ...
हार जायें या हवा हो जायें या जीत जायें । इन तीनों स्थितियों को छोड़ दें तो अरविंद केजरीवाल ने राजनीति को बदलने का साहसिक प्रयास तो किया ही । हममें से कई
हार जायें या हवा हो जायें या जीत जायें । इन तीनों स्थितियों को छोड़ दें तो अरविंद केजरीवाल ने राजनीति को बदलने का साहसिक प्रयास तो किया ही । हममें से कई राजनीतिक व्यवस्था को लेकर मलाल करते रहते हैं लेकिन अरविंद ने कुछ कर के देखने का प्रयास किया । कुछ हज़ार लोगों को प्रेरित कर दिया कि राजनीति को बदलने की पहली शर्त होती है इरादे की ईमानदारी । अरविं ...

जी हां, सीएम के भाई का घर है यहां! ...

 जी हां, सीएम के भाई का घर है यहां! ...
प्रभात रंजन दीन। सेना ने अपनी सम्पत्ति नेताओं के हाथ गिरवी रख दी है। संवेदनशील सैन्य क्षेत्र की कोठियां धड़ल्ले से बिक रही हैं या कब्जा की जा रही हैं, सेना के
प्रभात रंजन दीन। सेना ने अपनी सम्पत्ति नेताओं के हाथ गिरवी रख दी है। संवेदनशील सैन्य क्षेत्र की कोठियां धड़ल्ले से बिक रही हैं या कब्जा की जा रही हैं, सेना के अधिकारी इस 'धंधे' में लिप्त हैं, इसलिए सब मस्त हैं। सेना की जमीन, कोठियां व अन्य सम्पत्ति रक्षा मंत्रालय की होती है और उनका प्रबंधन छावनी परिषदें देखती हैं। सेना का कानून कहता है कि उन सम्प ...

पेड न्यूज ‘खबर’ के वेश में भ्रष्टाचार (1) ...

पेड न्यूज ‘खबर’ के वेश में भ्रष्टाचार (1) ...
भारतीय प्रेस परिषद की उप-समिति की एक रिपोर्ट कहती है कि पेड न्यूज ‘खबर’ के वेश में भ्रष्टाचार का संस्थागत और संगठित रूप है। पर किसी भी समिति का काम
भारतीय प्रेस परिषद की उप-समिति की एक रिपोर्ट कहती है कि पेड न्यूज ‘खबर’ के वेश में भ्रष्टाचार का संस्थागत और संगठित रूप है। पर किसी भी समिति का काम केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि उसके मूल कारणों की तलाश करना और उसके निदान का उपाय सुझाना भी होना चाहिए। अगर अध्ययन के आधार पर पेड न्यूज की समस्या को समझने की कोशिश की जाए तो उसमें एक संदर्भ प ...

What ails media? ...

What ails media? ...
The first “victim” of Majithia Wage Board is here. The closure of a vernacular daily, simultaneously published from
Rajiv Roy : The first “victim” of Majithia Wage Board is here. The closure of a vernacular daily, simultaneously published from Guwahati and Shillong, is a clear indication of the “survival of the fittest” in today’s competitive era. The closure of the daily on April 1st went viral all over the country in the public domain as its jobless employees ...

पारदर्शिता और जवाबदेही के पैमाने पर कठघरे में मीडिया ...

पारदर्शिता और जवाबदेही के पैमाने पर कठघरे में मीडिया ...
वनिता कोहली-खांडेकर / नई दिल्ली। पिछले दिनों कामकाज के सिलसिले में ब्रिटेन के दौरे में काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, जिसमें मध्यकालीन भारत में पत्रकारिता के
वनिता कोहली-खांडेकर / नई दिल्ली। पिछले दिनों कामकाज के सिलसिले में ब्रिटेन के दौरे में काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, जिसमें मध्यकालीन भारत में पत्रकारिता के संचालन की स्मृतियों को ताजा करना भी शामिल रहा। बीबीसी के नए एकीकृत न्यूजरूम के दौरे से इतर एक बातचीत में चर्चा बीबीसी के एक कार्यक्रम पर केंद्रित हो गई, जिसमें उसने भारत में चुनावों से पहले पेड ...

मीडिया घरानों की प्रतिस्पर्धा (1) न्यूज़ पेपर और प्राइस वार ...

मीडिया घरानों की प्रतिस्पर्धा (1) न्यूज़ पेपर और प्राइस वार  ...
अखबारों के आवरण मूल्य में अस्वाभाविक कमी के पीछे भी प्रतिद्वंद्विता की असमान स्थितियां ही हैं और यह खेल मुख्यतः बड़ी पूंजीवाले संस्थान ही खेलते हैं। आजादी के
अखबारों के आवरण मूल्य में अस्वाभाविक कमी के पीछे भी प्रतिद्वंद्विता की असमान स्थितियां ही हैं और यह खेल मुख्यतः बड़ी पूंजीवाले संस्थान ही खेलते हैं। आजादी के बाद से ही इस प्रवृत्ति ने ध्यान आकर्षित किया था और प्रथम प्रेस आयोग ने सुझाव भी दिया था कि अखबारों की आवरण कीमतों का निर्धारण उनकी कुल पृष्ठों की संख्या के आधार पर निर्धारित हो। आयोग ने एका ...

द वीक के इस रिपोर्ट को भी पढ़ना चाहिए.. ...

द वीक के इस रिपोर्ट को भी पढ़ना चाहिए.. ...
मेरा सोचना सिर्फ इतना है कि टी वी के प्रायोजित प्रचार लोगों का दिमाग कैसे कुंद करता है अब जरा पढ़िए गुजरात सरकार की आर्थिक और प्रशासनिक नीति के बारे में
मेरा सोचना सिर्फ इतना है कि टी वी के प्रायोजित प्रचार लोगों का दिमाग कैसे कुंद करता है अब जरा पढ़िए गुजरात सरकार की आर्थिक और प्रशासनिक नीति के बारे में ... स्रोत : द वीक नौकरी घोटाला के उजागर होने के करीब एक सप्ताह पहले प्रो. हेमंत शाह की पुस्तक “सच्चाई गुजरात की” जो मोदी के दावों को पोल खोलती है, का विमोचन अहमदाबाद में बम्बई हाई कोर्ट के रिटा ...

मीडिया की क्रेडिबिलिटी सवालों के घेरे में ...

मीडिया की क्रेडिबिलिटी सवालों के घेरे में  ...
आजादी मिलने से लेकर अभी तक मीडिया को लेकर सोच में काफी बदलाव आया है। मीडिया पहले समाज सेवा के तौर पर देखा जाता था धीरे-धीरे बिजनेस बन गया और
आजादी मिलने से लेकर अभी तक मीडिया को लेकर सोच में काफी बदलाव आया है। मीडिया पहले समाज सेवा के तौर पर देखा जाता था धीरे-धीरे बिजनेस बन गया और बिजनेस होते हुए भी लोकतंत्र के चौथे पिलर के तौर पर मीडिया अहम भूमिका निभाता रहा। हालांकि कई मौके ऐसे भी आए हैं जब मीडिया पर निष्पक्ष नहीं होने के आरोप लगे हैं औऱ क्रेडिबिलिटी सवालों के घेरे में आई है लेकिन क्य ...

पेड न्यूज और मीडिया की नैतिकता ...

पेड न्यूज और मीडिया की नैतिकता ...
जो स्थिति समाचारपत्र,मीडिया उद्योग को लेकर है वही स्थिति पत्रकारिता के मानदंडों को लेकर है। सरकारें तब मीडिया पर बरसती हैं जब सत्ताधारी दलों को लगता है कि वे
जो स्थिति समाचारपत्र,मीडिया उद्योग को लेकर है वही स्थिति पत्रकारिता के मानदंडों को लेकर है। सरकारें तब मीडिया पर बरसती हैं जब सत्ताधारी दलों को लगता है कि वे घिर गए हैं। दूसरी ओर मालिकों, पत्रकारों द्वारा लगातार तर्क दिया जाता है कि वे स्वयं अपने लिए आचार संहिता बनाएंगे और अपनाएंगे। विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का यह स्टैंड है पर यह लागू कितना ...

शास्त्रीय गायक पंडित पशुपति नाथ का निधन ...

शास्त्रीय गायक पंडित पशुपति नाथ का निधन ...
वाराणसी। प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. पशुपति नाथ मिश्र का रविवार को सुबह दस बजे बीएचयू अस्पताल में निधन हो गया। सीने में संक्रमण से पीड़ित 75 वर्षीय पं. मिश्र
वाराणसी। प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. पशुपति नाथ मिश्र का रविवार को सुबह दस बजे बीएचयू अस्पताल में निधन हो गया। सीने में संक्रमण से पीड़ित 75 वर्षीय पं. मिश्र को तीन दिन से आईसीयू में रखा गया था। सोमवार की सुबह साढ़े 10 बजे हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार होगा। निधन के बाद रामापुरा आवास पर पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए कलाकारों का तांता लग गय ...

न्यूज़ चैनल्स के धनकुबेरों का बही खाता ? ज़रूरी है ! ...

 न्यूज़ चैनल्स के धनकुबेरों  का बही खाता ? ज़रूरी है ! ...
REEL PICTURE:- न्यूज़ चैनल्स पर मठाधीशनुमा बड़े-बड़े पत्रकार, भ्रष्टाचार के दायरे से इतर, 20-30 साल या 30-40 साल सार्वजनिक जीवन में रहने वाले किसी
REEL PICTURE:- न्यूज़ चैनल्स पर मठाधीशनुमा बड़े-बड़े पत्रकार, भ्रष्टाचार के दायरे से इतर, 20-30 साल या 30-40 साल सार्वजनिक जीवन में रहने वाले किसी नेता के पास 4-5 करोड़ की संपत्ति होने की खबर को ऐसा कह कर बताते हैं मानो ये अरबों-खरबों के बराबर है ! बड़े-बड़े पैनल डिस्कशन कराये जाते हैं कि आखिर नेता करोड़पति कैसे हो जा रहे हैं ? अंदाज़ कुछ ऐसा रहता है, ज ...

एमजे अकबर ने खुशवंत सिंह के बारे में क्या लिखा पढिए ...

एमजे अकबर ने खुशवंत सिंह के बारे में क्या लिखा पढिए ...
खुशवंत सिंह कभी पत्रकारिता वाले पत्रकार नहीं थे, वे एक लेखकीय पत्रकार थे. वे अखबारी लेखन में कलात्मक दास्तानगोई का पुट लेकर आये. टाइम्स ऑफ इंडिया समूह
खुशवंत सिंह कभी पत्रकारिता वाले पत्रकार नहीं थे, वे एक लेखकीय पत्रकार थे. वे अखबारी लेखन में कलात्मक दास्तानगोई का पुट लेकर आये. टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के मुख्य प्रकाशन इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया के संपादक बनने के लिए जब उन्हें आमंत्रित किया गया, तब तक ‘ट्रेन टू पाकिस्तान’ के साथ वे एक उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके थे. लेकिन य ...

हिम्मत हो तो कहिये खुशवंत का जीवन शब्दों का मायाजाल रहा, वो भी दिल्ली वा ...

हिम्मत हो तो कहिये खुशवंत का जीवन शब्दों का मायाजाल रहा, वो भी दिल्ली वा ...
मरने के बाद सरदार खुशवंत सिंह की तारीफ का एंगल समझ में नही आया। बड़ी-बड़ी फोटो और एक जैसे चर्चे, किसी को जैसे पता ही नही की क्या कहे? सही भी है
मरने के बाद सरदार खुशवंत सिंह की तारीफ का एंगल समझ में नही आया। बड़ी-बड़ी फोटो और एक जैसे चर्चे, किसी को जैसे पता ही नही की क्या कहे? सही भी है आखिर खुशवंत ने या उनके परिवार ने इस देश को दिया ही क्या। लेकिन चूँकि छपना है सो सब के सब लग गए अपने छपास के ट्रीटमेंट में। एक ने तो हद ही कर दी, अमर उजाला के गोरखपुर संस्करण में एक ने कहा कि खुशवंत इसलिए मह ...

चैनलों के पर्दे पर उत्तर पूर्व ...

चैनलों के पर्दे पर उत्तर पूर्व ...
अरुणाचल प्रदेश के छात्र नीडो तानिया की दिल्ली के पाश बाजार लाजपतनगर में नस्लीय हत्या और उसकी न्यूज मीडिया में कवरेज ने पिछले साल अक्टूबर में कोई पन्द्रह
आनंद प्रधान की रिपोर्ट। अरुणाचल प्रदेश के छात्र नीडो तानिया की दिल्ली के पाश बाजार लाजपतनगर में नस्लीय हत्या और उसकी न्यूज मीडिया में कवरेज ने पिछले साल अक्टूबर में कोई पन्द्रह दिनों के लिए अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की यात्रा की दिला दी. ईटानगर के पास रानो हिल्स स्थित राजीव गाँधी विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को पत्रकारिता पढ़ाने गया थ ...

यह क्षुद्र बुद्धि समझती क्यों नहीं! ...

यह क्षुद्र बुद्धि समझती क्यों नहीं!  ...
प्रभात रंजन दीन। हर दिन शब्दों की बुनावट, हर दिन शब्दों की काटपीट, हर दिन शब्दों का संपादन, हर दिन मन में संपादक होने का भाव... यह क्षुद्र बुद्धि इन सबसे
प्रभात रंजन दीन। हर दिन शब्दों की बुनावट, हर दिन शब्दों की काटपीट, हर दिन शब्दों का संपादन, हर दिन मन में संपादक होने का भाव... यह क्षुद्र बुद्धि इन सबसे उबरती ही नहीं। मुझे नहीं मालूम कि क्या लिखता हूं, क्या होता है, कुछ होता भी नहीं, फिर भी मन पता नहीं किस संसार में जीता है, लगता है कि लिखने से बहुत कुछ होता है। मुझे नहीं मालूम कि लिखने का कि ...

ये मीडिया मैनेज नहीं तो और क्या ? ...

ये मीडिया मैनेज नहीं तो और क्या ? ...
चुनावी अंधड़ चल रहा है ! कुछ उड़ जाने वाले हैं और कुछ उड़ा देने वाले हैं ! कुछ का कहना है कि मोदी नाम की "सुनामी" आयी हुई है ! मसलन हर रैली का लाइव
चुनावी अंधड़ चल रहा है ! कुछ उड़ जाने वाले हैं और कुछ उड़ा देने वाले हैं ! कुछ का कहना है कि मोदी नाम की "सुनामी" आयी हुई है ! मसलन हर रैली का लाइव कवरेज, सोने-उठने बैठने तक की खबर ! कोई तीखे सवाल नहीं ! विरोधियों की ज़बर्दस्ती आलोचना ! ये सारा कुछ चल रहा है टी.वी. न्यूज़ चैनल्स के ज़रिये ! हर रैली में करोड़ों रुपये फूंकने वाले मोदी, गरीबों को कभी य ...

2014 में विज्ञापन बाजार में 12 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की संभावना ...

2014 में विज्ञापन बाजार में 12 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की संभावना ...
ऐसा लग रहा है कि वर्ष 2014 में विज्ञापन बाजार में 12 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी, जबकि पिछले दो वर्षों के दौरान इसमें 5 से 7 फीसदी बढ़ोतरी ही दर्ज की
ऐसा लग रहा है कि वर्ष 2014 में विज्ञापन बाजार में 12 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी, जबकि पिछले दो वर्षों के दौरान इसमें 5 से 7 फीसदी बढ़ोतरी ही दर्ज की गई। सभी अनुमानों में यही तस्वीर उभर रही है। 83,000 करोड़ रुपये के मीडिया एवं मनोरंजन कारोबार (एमएंडई) में इन दिनों तमाम निराशाजनक संकेतों के बीच क्या यह एक अच्छी और सकारात्मक खबर नहीं है? वहीं ...

‘सुबह स्टंट! शाम को फ्लाइट’! सुबह आरोप, शाम को उड़ान! ...

‘सुबह स्टंट! शाम को फ्लाइट’! सुबह आरोप, शाम को उड़ान! ...
पहले बनाता है, फिर मिटाता है. बनाना और मिटाना उसका दैनिक काम है. वह हमें संसार की ही नहीं खुद अपनी भी क्षणभंगुरता को यथावत दिखाता है.
पहले बनाता है, फिर मिटाता है. बनाना और मिटाना उसका दैनिक काम है. वह हमें संसार की ही नहीं खुद अपनी भी क्षणभंगुरता को यथावत दिखाता है. वह अपने ही सीनों का स्वयंभक्षी है. उसके बनाए सबसे सुंदर सीन उसकी सबसे बेहतरीन खुराक होते हैं. अगर वह ऐसा न करे तो नए सीन किस तरह बनाए? हम बीते शुक्रवार की शाम का एक उदाहरण देखें: एक बड़े मीडिया हाउस ने एक विचार ...

मीडिया की जवाबदेही का दौर ...

मीडिया की जवाबदेही का दौर ...
आम चुनाव के माहौल में मीडिया को कोसने का चलन एक आम बात है। बड़े राजनीतिक दलों से लेकर छोटे-छोटे दल भी इसमें शामिल हैं। पिछले दो चुनावों के दौरान
राममोहन पाठक, वरिष्ठ पत्रकार। नया दौर मीडिया की जवाबदेही का दौर है। इसलिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की यह चिंता स्वाभाविक है कि मीडिया इस दौर में ‘पेड न्यूज’ (धन के बदले खबरें प्रकाशित करना) को बढ़ावा दे रहा है। पत्रकारिता के पवित्र पेशे में इसे गिरावट मानते हुए राष्ट्रपति ने इससे मुक्ति के लिए आत्म-सुधार की प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी है। इंडियन न् ...

धारिणी को दरिद्र मत बनाओ! ...

धारिणी को दरिद्र मत बनाओ! ...
प्रभात रंजन दीन। सहारा समूह के अभिभावक सुब्रत राय आखिरकार गिरफ्तार हो गए। निवेशकों को पैसा लौटाने का मामला इतनी हील-हुज्जतों के बाद इस परिणाम पर
प्रभात रंजन दीन। सहारा समूह के अभिभावक सुब्रत राय आखिरकार गिरफ्तार हो गए। निवेशकों को पैसा लौटाने का मामला इतनी हील-हुज्जतों के बाद इस परिणाम पर पहुंचा है। परिणति तो अभी शेष है। अब सुब्रत राय को सुप्रीम कोर्ट में पुलिस पेश करेगी। लखनऊ पुलिस की कृपा पर वे चार दिन काटेंगे और चार मार्च को न्याय की सर्वोच्च पीठ के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। यही पीठ ...

छत्तीसगढ़ में बिना बिजनेस नहीं हो पाती पत्रकारिता ...

छत्तीसगढ़ में बिना बिजनेस नहीं हो पाती पत्रकारिता ...
शैलेंद्र ठाकुर : मैंने पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2002 में दंतेवाडा से ही की. बगैर किसी अनुभव के सीधे ‘नवभारत’ में सिटी रिपोर्टर की नौकरी मिल गई. 12 सौ रुपए
शैलेंद्र ठाकुर : मैंने पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2002 में दंतेवाडा से ही की. बगैर किसी अनुभव के सीधे ‘नवभारत’ में सिटी रिपोर्टर की नौकरी मिल गई. 12 सौ रुपए मासिक मानदेय से शुरुआत हुई थी. 2 साल दंतेवाडा में काम करने के बाद ‘नवभारत’ के जगदलपुर संभागीय कार्यालय में 5 साल काम करने का मौका मिला. इसके बाद दंतेवाडा कार्यालय में बतौर जिला प्रतिनिधि वाप ...
Latest News सौरभ शर्मा ने छोड़ा जागरण, कहा अंदरूनी राजनीति हावी आईबीएन लोकमत को निखिल वागले ने भी बोला, अलविदा जागरण के सीईओ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का मामला दर्ज जिया न्यूज का नोएडा में शटर गिरा अब मुंबई जाएगा लखनऊ निर्भयाकांड में पुलिस करेगी एक मीडियाकर्मी को भी गिरफ्तार सुधीर नारायण के घर का ताला तोड़ चोरों ने की लाखों की लूट हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड का पहली तिमाही में मुनाफा 12 प्रतिशत बढ़ा “आप संपादक हैं क्या?” वरिष्ठ पत्रकार धर्मशील चतुर्वेदी पहले विजयश्री सम्मान से नवाजे गए कलराज मिश्र की पुस्तक का लोकार्पण आज राजनाथ सिंह जब हिंदी में बोले तो अंग्रेजी वालों का बहुत कष्ट हुआ अमर उजाला, कानपुर में चंद्रभान व प्रदीप का प्रमोशन राज्यसभा टीवी चैनल में बतौर प्रोड्यूसर कार्यरत मिलिता दत्ता मंडल की रहस्यमय मौत कैमरे के सामने रहने वाला फोटोग्राफरों से है परेशान अंशधारकों को शुरुआत में यूएएन प्रदान करेगा ईपीएफओ बेनेट कोलमैन, वैदिक के अधर्म में मारा गया धर्मयुग रामदेव ने की पत्रकार वैदिक पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग मजबूत साइबर सुरक्षा नीति लागू करेगी सरकारः रविशंकर प्रसाद वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा की पत्नी से लूट पत्रिका, भास्कर,नईदुनिया, जागरण के कर्मचारी जाएंगे INS और Non INS एजेंसीज के पास मजीठिया के पक्ष में खड़ा हुआ नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स इंडिया सुनहरी यादें छोड़ जागरण फिल्म फेस्टिवल विदा दैनिक भास्कर,बठिंडा से इस्तीफा देंगे दो स्टाफ रिपोर्टर अमर उजाला की जम्मू वेबसाइट लांच अमर उजाला के दो अफसरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट बाबा कानपुरी को ‘साहित्य श्री’ सम्मान पंजाब केसरी ने मजीठिया न देना पड़े इसलिए पत्रकारों को बनाया प्रूफ रीडर टीवी में आजकल ब्रांडेड संपादक की भीड़ मोदी ‘मीडिया सलाहकार’ की नियुक्ति नहीं करेंगे! ठक्कर ही लेंगे टक्कर वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. नेत्रपाल सिंह और डाॅ. पी.एन. सिंह सम्मानित जॉर्डन के स्टूडियों में पत्रकार और वकील के बीच शो के दौरान मारपीट पूर्वांचल प्रहरी के मालिक घीसालाल अग्रवाल पर उद्योगपति कैलाश लोहिया ने ठोंका 100 करोड़ का मुकदमा प्रेस काउंसिंल के अध्यक्ष काटजू के खुलासे से देशभर में हंगामा शोध पत्रिका समागम का नया अंक प्रेमचंद पर केन्द्रित Sudan: editor attacked after supporting Israel ललितपुर में फर्जी पत्रकार गिरफ्तार सिद्धार्थनगर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह, खूब बोेले पाल हां मैं मिला था दाउद से (हिंदी में पढ़े) हिंदुस्तान, बरेली के दीप तिवारी और क्राइम रिपोर्टर को तीन युवकों ने पीटा Zee Entertainment June quarter net profit drops 6.2% वरिष्ठ पत्रकार वैदिक के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की दरख्वास्त धीरेंद्र श्रीवास्तव बनें श्री टाइम्स में सलाहकार संपादक वैदिक अंग्रेजी के पत्रकार होते तो ऐसा नहीं होता DB Corp Q1 net profit may rise 5.5% to Rs 80 cr: Poll सुमित्रा महाजन के संभावी ओएसडी नई दुनिया के सुरेश बाफना का विरोध सुशील राणा के साथ जागरण का एक और खेल, देखिए अब वैदिक की राजद्रोह में गिरफ्तारी की मांग Senior journalist passes away गेल के गले अटका महिला पत्रकार से अभद्रता मलोट में खबर को लेकर झगड़े में पत्रकार पर चलार्इ गोली, जान बची